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Hamirpur (Himachal) News: चकमोह कॉलेज में स्नातकोत्तर की कक्षाएं बंद

Fri, 14 Jul 2023 11:18 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
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बड़सर (हमीरपुर)। बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट की ओर से संचालित चकमोह महाविद्यालय मेेें शिक्षकों और छात्रों की कमी के चलते स्नातकोत्तर कक्षाएं बंद हो रही हैं। मंदिर न्यास अध्यक्ष एवं एसडीएम बड़सर कार्यालय की ओर से कॉलेज में एमए हिंदी व एमए संस्कृत के कोर्स को बंद करने के संदर्भ में पत्र भेजा गया है।
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चकमोह महाविद्यालय में पिछले काफी समय से संस्कृत के अध्यापक की कमी चल रही है। दोनों शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके हैं। कॉलेज में महज एक संस्कृत का अध्यापक था, जिसकी पिछले माह ही सेवानिवृत्ति हुई है। वर्तमान में संस्कृत का कोई भी प्रवक्ता कॉलेज में नहीं है। सेवानिवृत्ति से पूर्व उस एक अध्यापक को स्नातक की तीन कक्षाओं के साथ स्नातकोत्तर के छात्रों को भी पढ़ाना पड़ता था। ऐसे में महज एक अध्यापक के सहारे 150 के करीब छात्रों को पढ़ाया जा रहा था।


2019 में एक अन्य संस्कृत अध्यापक की सेवानिवृत्ति के बाद से वर्ष 2023 तक इस खाली पद को नहीं भरा गया है। इसका असर यह हुआ कि गत वर्ष केवल एक छात्र ने एमए संस्कृत में दाखिला लिया। वहीं, एमए हिंदी में कोई भी प्रवेश नहीं हुआ क्योंकि कॉलेज में महज एक शिक्षक है। वहीं, अंग्रेजी विषय के लिए भी एक ही अध्यापक है। अब इस वर्ष प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही एसडीएम कार्यालय बड़सर से एक चिट्ठी कॉलेज प्रबंधन को लिखी गई है। जिसमें कॉलेज में एमए हिंदी और एमए संस्कृत के कोर्स बंद करने को कहा गया है। कहा गया है कि छात्रों ने इन कोर्सों में प्रवेश नहीं लिया है। इसलिए जब तक इन विषयों में कोई प्रवेश नहीं लेता, तब तक यह कोर्स बंद कर दिए जाने बेहतर हैं। दूसरी तरफ लोगों का तर्क है कि अगर अध्यापक ही नियुक्त नहीं किए जाएंगे तो बच्चे प्रवेश क्यों लेंगे।
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पहले अध्यापकों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। पिछले काफी लंबे समय से लोग ट्रस्ट पर इन शिक्षण संस्थानों की अनदेखी का आरोप भी लगाते रहे हैं और इसके सरकारीकरण की भी मांग उठाते रहे हैं। महाविद्यालय से जुड़े छात्र संगठनों ने कहा कि इस विषय में कई बार प्राचार्य को अवगत करवाया गया। विधायक इंद्रदत्त लखनपाल को भी इस बारे में ज्ञापन देकर जानकारी दी गई और कई बार इस मुद्दे को लेकर कॉलेज में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन भी किए गए लेकिन अभी तक इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया। ऐसे में छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं अन्य अध्यापकों पर भी इसका अधिक बोझ पड़ रहा है।
इस बारे में कॉलेज के प्राचार्य नरेश कुमार ने कहा कि संस्कृत के अध्यापक पिछले माह ही सेवानिवृत्त हुए हैं और पिछले वर्ष भी कॉलेज में एमए संस्कृत में महज एक दाखिला हुआ था। ऐसे में उपमंडल अधिकारी बड़सर के कार्यालय से जो पत्र प्राप्त हुआ है, उसमें कहा गया है कि जब तक विद्यार्थियों का अधिक संख्या में प्रवेश नहीं होता, तब तक कोर्स को बंद रखा जाए। अध्यापकों की जो कमी चल रही है, उस बारे में ट्रस्ट को अवगत करवाया गया है और उम्मीद है जल्द नियुक्तियां हो जाएंगी।
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