सुजानपुर (हमीरपुर)। नगर परिषद सुजानपुर में फिर से तख्ता पलट की तैयारी हो गई है। 14 महीने पहले अध्यक्ष बने अशोक मेहरा की कुर्सी खतरे में है। सुजानपुर नगर परिषद में कुल 9 पार्षद हैं। मंगलवार को 9 में से 5 पार्षदों ने नगर परिषद की उपाध्यक्ष समेत नप अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित कर इसकी प्रति पहले नगर परिषद के ईओ संजय कुमार को सौंपी। उसके बाद हमीरपुर पहुंचकर उपायुक्त हमीरपुर को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा।
नगर परिषद सुजानपुर के चुनाव के समय ढाई-ढाई वर्ष सेवाकाल का मसौदा तैयार हुआ था। वार्ड नंबर एक से पार्षद रमन भटनागर ने अपना ढाई वर्ष का कार्यकाल शांतिपूर्ण तरीके से पूरा कर लिया। जिसके बाद अक्तूबर 2018 में वार्ड नंबर छह से पार्षद अशोक मेहरा को आगामी ढाई साल तक नगर परिषद अध्यक्ष की कमान सौंपी गई। लेकिन, अशोक मेहरा कुर्सी संभालते ही विवादों से घिरे रहे। अधिकतर पार्षद उनकी कार्यप्रणाली से खुश नहीं रहे। जिसके चलते असंतुष्ट पार्षदों ने उनके खिलाफ मोर्चाबंदी शुरू कर दी। जिसका नतीजा मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव के रूप में सामने आया। सुजानपुर में कुल 9 पार्षदों में से 7 बीजेपी समर्थित हैं, जबकि कांग्रेस के पास केवल दो पार्षद हैं। हालांकि, बीजेपी में शामिल हुए सुमन अटवाल और दीप कुमार की पृष्ठभूमि कांग्रेस से रही है। पूर्व अध्यक्ष रमन भटनागर भी सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा के करीबी माने जाते रहे हैं। बावजूद इसके दोनों ही बार अध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित अध्यक्ष का ही कब्जा रहा है। वार्ड 4 से नगर परिषद की उपाध्यक्ष कमलेश चौधरी, वार्ड 1 से पूर्व उपाध्यक्ष रमन भटनागर, वार्ड 7 से सुमन अटवाल, वार्ड 3 से मनोज ठाकुर और वार्ड 5 से अनिता समेत पांच लोगों ने कहा कि वह वर्तमान अध्यक्ष अशोक मेहरा की कार्यप्रणाली से नाखुश हैं। वर्तमान अध्यक्ष विकास कार्यों में उन्हें विश्वास में लिए बिना मनमाने तरीके से कार्य कर रहे हैं। जिसके चलते उन्हें बदलना जरूरी है। उधर, उपायुक्त हमीरपुर हरिकेश मीणा ने कहा कि सुजानपुर के पार्षदों ने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दिया है। आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।