हमीरपुर। जिला परिषद हमीरपुर के ताल वार्ड में सोमवार को नामांकन के अंतिम दिन हाई वोल्टेज सियासी ड्रामा देखने को मिला। भाजपा ने पार्टी समर्थित प्रत्याशी के नाम पर दो बार बदलाव और खींचतान के बीच आखिरकार पंचायतीराज प्रकोष्ठ हमीरपुर के जिला सह संयोजक सुरेश सोनी को ताल वार्ड से अपना समर्थित प्रत्याशी बनाकर चुनाव मैदान में उतारा।
दिलचस्प बात यह रही कि नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने से करीब एक घंटा पहले सुरेश सोनी को पार्टी के फैसले की जानकारी मिली, जबकि वह नामांकन समाप्त होने से लगभग आधा घंटा पहले एसडीएम कार्यालय हमीरपुर पहुंचे। अंतिम क्षणों तक बने सस्पेंस ने मिनी सचिवालय परिसर में राजनीतिक हलचल तेज रखी।
सूत्रों के अनुसार ताल वार्ड से भाजपा समर्थित प्रत्याशी के नाम पर सहमति बनाने के लिए कई दिनों से पार्टी और संगठन स्तर पर मंथन चल रहा था। सदर से भाजपा विधायक आशीष शर्मा और संगठन पदाधिकारियों ने अलग-अलग दावेदारों के बीच समन्वय बनाने में अहम भूमिका निभाई, जिसके बाद तीसरे नाम पर सहमति बन सकी।
दो दिन पहले सभी दावेदारों की मौजूदगी में सदर विधायक आशीष शर्मा की अगुआई में बैठक हुई, जिसमें अंततः वरिष्ठ और संगठन से लंबे समय से जुड़े चेहरे पर सहमति बनाने का खाका तैयार हुआ। सोमवार को उसी रणनीति पर अंतिम मुहर लगी और तीसरे नाम के तौर पर सुरेश सोनी को मैदान में उतारा गया।
नामांकन के दौरान सुरेश सोनी के साथ अजय चंदेल और सुशील ठाकुर भी पूरे दस्तावेजों के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचे। तीनों करीब आधा घंटा तक रिटर्निंग अधिकारी के चैंबर में मौजूद रहे। पहले सुरेश सोनी ने नामांकन दाखिल किया। इसके बाद अजय चंदेल और सुशील ठाकुर बिना नामांकन किए बाहर आ गए और पार्टी समर्थित प्रत्याशी के समर्थन में पीछे हट गए।
गौरतलब है कि पांच मई को भाजपा ने जिला परिषद के 19 वार्डों के लिए समर्थित प्रत्याशियों की सूची जारी की थी, जिसमें ताल वार्ड से पहले सुशील ठाकुर का नाम घोषित हुआ था। बाद में संशोधित सूची में अजय चंदेल को उम्मीदवार बनाया गया।
दोनों नेता पिछले कई दिनों से अपने-अपने स्तर पर चुनाव प्रचार में सक्रिय थे। ऐसे में नामांकन के अंतिम दिन संभावित बगावत को रोकना पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बन गया था, जिसका समाधान अंतिम क्षणों में निकाला गया।
भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि पार्टी की बेहतरी के लिए कार्यकर्ताओं ने यह निर्णय लिया है। आपसी मतभेद भुलाकर वरिष्ठ कार्यकर्ता पर सहमति बनने से संभावित बगावत भी टल गई है। यही भाजपा कार्यकर्ता की पहचान है।
दो बजे मिली प्रत्याशी बनने की औपचारिक जानकारी : सुरेश सोनी
भाजपा समर्थित प्रत्याशी सुरेश सोनी ने बताया कि वह वर्ष 1995 से पार्टी से जुड़े हैं और युवा मोर्चा से लेकर संगठन के विभिन्न दायित्व निभा चुके हैं। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले ही उन्हें नामांकन संबंधी दस्तावेज तैयार रखने के संकेत मिल गए थे, जबकि सोमवार दोपहर करीब दो बजे उन्हें औपचारिक रूप से पार्टी के फैसले की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि अजय चंदेल और सुशील ठाकुर दोनों समर्पित कार्यकर्ता हैं और सभी मिलकर चुनाव लड़ेंगे।
सुशील ठाकुर के छलके आंसू
रिटर्निंग अधिकारी के चैंबर से बाहर निकलने के बाद सुशील ठाकुर कुछ देर तक पार्टी प्रत्याशी के साथ खड़े रहे, लेकिन मिनी सचिवालय से बाहर निकलते समय वह भावुक नजर आए। लंबे समय से चुनावी तैयारियों में जुटे सुशील की आंखों से आंसू छलक पड़े। सुशील ठाकुर ने कहा कि पार्टी का फैसला ही सर्वोपरि है, जिसे पार्टी ने प्रत्याशी तय किया है, सब उसके साथ चलें।
सुशील और अजय क्षेत्र में पार्टी के मजबूत स्तंभ : आशीष शर्मा
विधायक आशीष शर्मा ने कहा कि सुशील ठाकुर और अजय चंदेल क्षेत्र में पार्टी के मजबूत स्तंभ हैं। दोनों ने संगठन और पार्टी हित को सर्वोपरि रखते हुए समर्थित प्रत्याशी के पक्ष में निर्णय लिया है, जिसके लिए वह उनके आभारी हैं। उन्होंने कहा कि इस फैसले से क्षेत्र में पार्टी और अधिक मजबूत हुई है।
जंगलरोपा और चमनेड़ वार्ड से नामांकन दाखिल करते जाते भाजपा समर्थित प्रत्याशी पदाधिकारियों और कार