टौणी देवी (हमीरपुर)। एनएच-3 का कछुआ गति से किया जा रहा कार्य लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। वर्ष 1998 में हमीरपुर-अवाहदेवी सड़क को अटारी से लेह राष्ट्रीय राजमार्ग 70 से जोड़ा गया। लोगों को उम्मीद थी कि इससे विकास के नए आयाम स्थापित होंगे। सरकारें आती-जाती रहीं लेेकिन 23 वर्ष में इसकी दशा दुर्दशा में बदल गई। लोक निर्माण विभाग ने इसे मोर्थ के अधीन कर दिया था। इस पर 23 वर्ष तक मात्र पैच वर्क ही हुआ। जून 2021 में गाबर कंपनी ने कार्य का जिम्मा संभाला और कार्य शुरू हो गया। तीन वर्ष होने को हैं लेकिन लोग अभी भी मुआवजे को लेकर चक्कर काट रहे हैं। प्रतिदिन सैंकड़ों वाहन धूल उड़ाते इस सड़क से गुजरते हैं लेकिन पानी का छिड़काव कभी-कभार ही होता है। पीड़ितों की न तो कोई आवाज मुखर करने वाला है न कोई सुनने वाला है। क्षेत्रों में सड़क की बदहाली पेयजल पाइप टूटने, ड्रेनेज से आ रही समस्याओं, मुआवजे में अंतर, निर्माण कंपनी की ओर से लोगों को डराने और डंपिंग साइट कोल्हू सिद्ध की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। करीब दो वर्ष से निर्माणाधीन इस हाईवे में बरती जा रही अनियमिताओं और घटिया निर्माण को लेकर जिला पार्षद वंदना गुलरिया की अगुवाई में करीब एक दर्जन जिला परिषद सदस्य दिल्ली में हमीरपुर के सांसद अनुराग ठाकुर की अध्यक्षता में सड़क व भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिलकर शिकायत पत्र सौंप चुके हैं। मंत्री ने इस मामले को लेकर कड़े निर्देश जारी किए थे। लोगों का कहना है कि निर्माण कंपनी मनमर्जी कर रही है। लोग परेशान हैं। शीघ्र ही कंपनी पर दबाव बना निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। साइट इंजीनियर सुशील कुमार ने कहा कि इस माह में टौणी देवी बाजार का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।