विकास खंड हमीरपुर के तहत आधा दर्जन गांवों के लोग कुनाह खड्ड के खनन को रोकने के लिए उपायुक्त हमीपुर से मिले। उन्होंने मसियाणा पुल से लेकर टिक्कर पलासन तक खनन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की उपायुक्त से मांग की। लोगों ने 125 लोगों का हस्ताक्षरित ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा।
लोगों ने बताया कि कुनाह खड्ड पर दिन रात खनन जारी है। इससे साथ लगती उनकी मलकीयत भूमि भी खड्ड में तबदील हो चुकी है। कुनाह खड्ड पर करीब पांच पेयजल योजनाएं इन दिनों हांफ चुकी हैं। निरंतर हो रहे खनन से जल स्तर काफी नीचे चला गया है।
इससे पेयजल योजनाओं में पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा। पेयजल योजनाओं के ठप पड़ने से लोगों को पेयजल समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि खड्ड पर शमशानघाट स्थापित है। निरंतर हो रहे खनन से श्मशानघाट जाने वाला रास्ता भी टूट चुका है।
इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि इस खड्ड की नीलामी 17 सितंबर 2015 को की गई है। नीलामी के बाद इस पर दिन रात खनन जारी है। यदि इसी तरह से खनन होता रहा तो खड्ड का जल स्तर काफी नीचे चला जाएगा।
इससे पानी की योजनाएं पूरी तरह से ठप पड़ जाएंगी। मसियाणा, मछेडू, बकारटी, जंगलरोपा, हार, जंद्राह, पलासन और नाल्टी गांवों के लोगों ने उपायुक्त से खड्ड की नीलामी पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। इससे उन्हें दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
इस अवसर पर ग्रामीण राकेश कुमार, अजय कुमार, सुरजीत सिंह, अनीता देवी, सुमनलता, जुगनी देवी, उर्मिला देवी उपस्थित रहे।