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Hamirpur (Himachal) News: मेडिकल कॉलेज में दस रुपये के लिए भागदौड़, पर्ची शुल्क का ऑनलाइन भुगतान न होने से लोग परेशान

Fri, 13 Feb 2026 01:01 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
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मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में इलाज करवाने के लिए लाइन में लगे लोग। संवाद
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हमीरपुर। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में वीरवार से ओपीडी पर्ची के लिए दस रुपये का शुल्क लागू हो गया है। दस रुपये के शुल्क का भुगतान ऑनलाइन न होने से लोगों को काफी भागदौड़ करनी पड़ रही है, जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई है।
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दस रुपये के लिए मरीज और अस्पताल कर्मचारियों दोनों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, नई व्यवस्था लागू होने पर लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया देखेने को मिली। लोग पर्ची शुल्क देने से गुरेज करते नहीं दिखे, लेकिन लोगों ने सुविधाओं में सुधार की मांग की है। शुल्क लागू होने के पहले दिन अस्पताल में 1100 पर्ची बनी।

समय : पूर्वाह्न 11:26 बजे। स्थान : मेडिकल कॉलेज हमीरपुर। मेडिकल कॉलेज के परिसर में पर्ची बनवाने की खिड़की पर लोग पर्ची बनवा रहे हैं। कुछ लोगों को पैसे खुले देने की हिदायत दी जा रही है। कुछ युवा खुले पैसे न होने के कारण ऑनलाइन का विकल्प ढूंढ रहे हैं, लेकिन हारकर उन्हें नकद दस रुपये का जुगाड़ करना पड़ रहा है। लाइन में लगे पुरुष, महिला व वरिष्ठ नागरिकों से दस रुपये का शुल्क लिया जा रहा है।
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इसके साथ ही पर्ची को संभालने की हिदायत को लेकर भी एक सूचना पत्र चस्पां कर दिया गया है। पर्ची का शुल्क वसूलने को लेकर अधिकांश लोगों का कहना है कि दस रुपये अधिक नहीं है, लेकिन साथ ही चिंता भी जाहिर की कि अगर किसी के पास दस रुपये नहीं होंगे तो वह इलाज से वंचित न रह जाए।
जिले के विभिन्न क्षेत्रों से अपना इलाज करवाने के लिए पहुंचे लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में हर वर्ग का मरीज आएगा, ऐसे में गरीब वर्ग से संबंध रखने वाले लोगों के लिए अस्पताल प्रबंधन की ओर से विशेष राहत दी जानी चाहिए, ताकि कोई बिना इलाज करवाए न लौटे। लोगों का कहना है कि निजी अस्पतालों में महंगे दामों पर पर्ची बनती है। ऐसे में सरकारी अस्पताल में दस रुपये अधिक राशि नहीं है।
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अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि पर्ची बनवाने के लिए दस रुपये लिए जा रहे हैं। दस रुपये की पर्ची अधिक महंगी नहीं है। निजी अस्पताल में भी पर्ची बनती है। मगर सरकारी अस्पताल में गरीब तबके का ध्यान रखा जाना चाहिए। कई बार मरीज के पास दस रुपये भी नहीं होते हैं। -मीरा देवी, निवासी रंगस
वरिष्ठ नागरिकों के लिए कोई सुविधा नहीं है। दस रुपये देने में दिक्कतें नहीं है, लेकिन 70 वर्ष की आयु में भी लंबी लाइन में लगना पड़े तो मरीज कितनी देर तक खड़ा रहेगा। प्रबंधन को वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा को बढ़ाना चाहिए, ताकि उन्हें दिक्कतों का सामना न करना पड़े। -भागीरथ, बड़सर
अस्पताल में अमीर-गरीब सभी अपना इलाज करवाने के लिए आते हैं। कई बार गरीब वर्ग के लोगों के पास दस रुपये नहीं होते हैं। दस रुपये न होने पर वह इलाज से वंचित रह जाएंगे। गरीब वर्ग के लोगों को पर्ची की सुविधा निशुल्क होनी चाहिए। -रीना देवी लाहड़
निजी अस्पतालों में भी पर्ची के दाम लगते हैं। पहले भी पर्ची के पैसे लिए जाते थे। वर्तमान में दस रुपये अधिक हैं। अस्पताल प्रबंधन को सुविधाएं बढ़ानी चाहिएं, ताकि लोगों को इलाज के लिए इंतजार न करना पड़े। निजी अस्पताल में इससे अधिक दाम वसूले जाते हैं। -राजीव कुमार नादौन
कोट
लोगों की समस्या ध्यान में है। लोग ऑनलाइन भुगतान को अधिक तव्वजो दे रहे हैं। जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा। -डॉ. रमेश भारती, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर

मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में इलाज करवाने के लिए लाइन में लगे लोग। संवाद

मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में इलाज करवाने के लिए लाइन में लगे लोग। संवाद

मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में इलाज करवाने के लिए लाइन में लगे लोग। संवाद

मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में इलाज करवाने के लिए लाइन में लगे लोग। संवाद

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