हमीरपुर। सीएसडी कैंटीन खुलने के पहले दिन लाभार्थियों और कैंटीन कर्मचारियों के बीच तू-तू-मैं-मैं का माहौल पैदा होने से गहमागहमी हो गई। सोमवार को कैंटीन में सामान लेने पहुंचे लाभार्थियों ने कैंटीन कर्मचारियों पर पक्षपात के आरोप लगाए। कैंटीन प्रबंधन ने रोजाना 50 लाभार्थियों को बुकिंग के आधार पर सामान देने का निर्णय लिया था। लेकिन, पहले दिन बुकिंग के 50 लोगों के अलावा भी कई अन्य लाभार्थी कैंटीन पहुंच गए। हालांकि, पहले दिन 50 लोगों को सामान जल्द ही वितरित कर दिया गया तो इसके आधार पर कैंटीन प्रबंधन ने 100 लोगों को एक दिन में सामान वितरित करने का निर्णय लिया।
पहले ही दिन सामान लेने आए लोगों ने आरोप लगाया कि कैंटीन प्रबंधन की ओर से दिए गए बुकिंग नंबरों पर फोन या तो लग नहीं रहा है या लग रहा है तो उसे कोई उठा नहीं रहा है। इसके बाद लाभार्थियों ने कैंटीन में पहुंचकर हंगामा भी किया। जो बाद में शांत हो गया। अब कैंटीन प्रबंधन ने 100 लोगों को एक दिन में सामान देने का निर्णय लिया है। इसके लिए ऐसे लाभार्थियों को मास्क लगाकर और सामाजिक दूरी का ध्यान रखकर कैंटीन आना होगा। हालांकि, पहले 2 दिन यह देखने को मिला है कि 65 वर्ष की आयु के ज्यादा के लाभार्थी भी मनाही के बावजूद कैंटीन पहुंचे। प्रबंधक सीएसडी कैंटीन हमीरपुर मेजर पीएस खरवाल का कहना है कि पहले दिन कुछ गहमागहमी हुई थी। पहले दिन समय बचने के चलते 50 से अधिक लोगों को सामान दिया गया। अब सौ लोगों को रोजाना सामान दिया जाएगा। इसके लिए लाभार्थियों को दिए गए नंबरों पर अपनी बुकिंग करवानी होगी। जिस लाभार्थी की बुकिंग होगी, केवल वे ही सामान लेने आए। 65 वर्ष से अधिक, गर्भवती या बच्चे कैंटीन में न आएं। निर्धारित बुकिंग होने के बाद फोन कॉल नहीं लिए जाते हैं।