गलोड़ (हमीरपुर)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गलोड़ में मरीजों की एक्सरे की सुविधा तीस वर्ष पुरानी एक्सरे मशीन पर निर्भर है। यह मशीन कभी भी खराब हो जाती है, जिसके कारण लोगों को अपना एक्सरे करवाने के लिए हमीरपुर, बड़सर या फिर नादौन की दौड़ लगानी पड़ रही है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गलोड़ में प्रतिदिन 200 से अधिक ओपीडी दर्ज होती है, जिसमें प्रतिमाह करीब 800 लोग एक्सरे करवाने के लिए आते हैं। अस्पताल में अक्सर एक्सरे मशीन खराब हो जाती है, जिसके कारण मरीज एक्सरे की सुविधा से वंचित रह जाते हैं। हालांकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गलोड़ की ओर से बार-बार पत्राचार भी किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर किसी प्रकार की कवायद शुरू नहीं हो पाई है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गलोड़ लगभग दस पंचायतों का केंद्र बिंदू हैं। ऐसे में यहां पर मरीजों की भीड़ उमड़ना आम बात है। एक्सरे न होने के कारण लोगों को बीस किलोमीटर दूर हमीरपुर पहुंचना पड़ता है, जिसके चलते उनका समय और धन दोनों नष्ट हो रहे हैं। मरीजों में सुलक्षणा देवी, रंजना कुमारी, देवराज, पवन कुमार, संजय कुमार का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गलोड़ में एक्सरे मशीन अक्सर खराब हो जाती है, जिसके कारण लोग एक्सरे की सुविधा से वंचित हो जाते हैं।
वहीं, एक्सरे मशीन को ठीक करवाने के लिए पहुंचे मैकेनिक की मानें तो यह मशीन दो तीन बार खराब हो चुकी है। अब इसे दोबारा दुरुस्त करना मुमकिन नहीं है। इसका यह भी भरोसा नहीं है कि यह दोबारा कब खराब हो जाए। हालांकि विभाग द्वारा 35 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन उसे मंजूरी नहीं मिल पाई है। अब देखना है कि कब तक लोगों की सुविधा को देखते हुए नई एक्सरे मशीन मिल पाती है।
कोट :
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गलोड़ में एक्सरे मशीन खराब थी, जिसे दुरूस्त करवा दिया गया है। यह तीस वर्ष पुरानी है। नई एक्सरे मशीन के लिए अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद ही नई एक्सरे मशीन स्थापित हाे सकेगी।
-डॉ. मोहित, एमओ सीएचसी, गलोड़