हमीरपुर। सीटू जिला कमेटी हमीरपुर ने देश की 10 बड़ी ट्रेड यूनियनों के राष्ट्र स्तरीय आह्वान पर वीरवार को मुख्यालय में गांधी चौक पर बड़ा धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान सीटू नेताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोनों सरकारों की नीतियों को मजदूर व कर्मी विरोधी करार दिया।
पूर्वाह्न 11 बजे सीटू की अलग-अलग यूनियनों से जुड़े मजदूर नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर के पास एकत्रित हुए और उसके बाद शहर से रैली निकालते हुए गांधी चौक पर सभा में पहुंचे। सभा को संबोधित करते हुए सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर ठाकुर ने कहा कि हड़ताल केंद्र सरकार की ओर से बनाए गए चार लेबर कोड, मनरेगा को समाप्त करने, बिजली बोर्डों का निजीकरण करके स्मार्ट मीटर लगाने के विरोध में की जा रही है।
उन्होंने कहा कि मजदूरों ने अंग्रेजों से लड़कर यूनियन बनाने का अधिकार हासिल किया था, जिसे अब पूर्णतया समाप्त किया जा रहा है। पूरे देश में अब स्थाई रोजगार को समाप्त करके अंशकालीन भर्तियां की जा रही है, जिसमें न्यूनतम वेतन से लेकर रोजगार की सुरक्षा व्यवस्था शून्य है। इससे आगामी समय में युवाओं को रोजगार के लिए संकट पैदा होगा।
प्रदेश में मौजूदा सरकार की ओर से जल मित्र, पशु मित्र, वन मित्र, ट्रैफिक मित्र और इस तरह की भर्तियां की जा रही हैं। इससे युवाओं का शोषण बढ़ेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अधिकार के कानून मनरेगा को समाप्त कर दिया गया है।
सभा को संबोधित करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ की जिला सचिव राज कुमारी ने कहा कि आंगनबाड़ी, मिड-डे मील और आशा कार्यकर्ताओं को को चार-चार महीनों से वेतन नहीं दिया जा रहा है। इससे उन्हें आर्थिकी तंगी का सामना करना पड़ रहा है।
इस मौके पर सीटू के जिला सचिव जोगिंद्र कुमार, अध्यक्ष संतोष कुमार, प्रताप राणा, रंजन शर्मा, धर्म सिंह, सुषमा, नवीन व जितेंद्र धीमान आदि मौजूद रहे।