हमीरपुर। नगर परिषद के अधीन तीन पार्किंग स्थल आधे घंटे के भीतर 8 लाख रुपये में नीलाम हो गए। जबकि गुड्स और सर्विस टैक्स अलग से आएगा। हमीरपुर के चुने हुए नुमाइंदे कहते थे कि ये पार्किंग स्थल
4.25 लाख रुपये से अधिक नीलाम नहीं हो सकते। अब दोगुना कीमत पर बोली लगने से टेंडर प्रक्रिया का विरोध करने वाले विरोधियों के पैरों तले जमीन खिसक गई। शुक्रवार को नगर परिषद हमीरपुर के सभागार में शहर के तीन पार्किंग स्थलों की नीलामी प्रक्रिया आयोजित की गई। नगर परिषद हमीरपुर ने एक बैठक का आयोजन कर पुराने लीज होल्डरों को पार्किंग दोबारा से आवंटित करने का प्रस्ताव पारित किया था।
अध्यक्ष-उपाध्यक्ष समेत आधा दर्जन से अधिक पार्षदों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया था। लेकिन, वार्ड नंबर तीन से पार्षद अनिल सोनी और मनोनीत पार्षद संदीप भारद्वाज ने इस प्रस्ताव का विरोध कर उपायुक्त हमीरपुर और ईओ से प्रस्ताव को खारिज करने की मांग उठाई थी। इन्होंने पहले 27 लाख मासिक सफाई टेंडर का भी विरोध किया था, जिसके बाद करीब 18 लाख में मासिक टेंडर की खबर को अमर उजाला ने 10 फरवरी, 11 फरवरी और 15 फरवरी को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर छपने के बाद निदेशक शहरी विकास विभाग शिमला ने पुराने लीज होल्डरों को पार्किंग दोबारा से आवंटित करने के नगर परिषद के प्रस्ताव को रद्द कर नए सिरे से पार्किंग की खुली बोली करने के आदेश जारी किए थे।
शुक्रवार को नगर परिषद अध्यक्ष सुलोचना शर्मा, उपाध्यक्ष दीप कुमार बजाज, ईओ किशोरी लाल और सभी पार्षदों की उपस्थिति में आयोजित इस नीलामी प्रक्रिया से नगर परिषद की आय में दोगुना इजाफा हुआ है। उधर, नप के ईओ किशोरी लाल ने कहा कि तीनों पार्किंग आठ लाख रुपये सालाना शुल्क पर नीलाम हुई हैं। पिछले वर्ष की तुलना में नगर परिषद को दोगुनी आमदन हुई है।
इन-इन रेटों पर नीलाम हुई पार्किंग
सब्जी मंडी हमीरपुर बाल स्कूल के समीप पूर्व में 2.30 लाख अब 4.70 लाख, शिव मंदिर हमीरपुर पूर्व में 1.25 लाख अब 2.25 लाख जबकि, वार्ड नंबर दो ईओ आवास पार्किंग पूर्व में 70 हजार, अब 1.05 लाख रुपये में नीलाम हुई। इसके अलावा तीनों पार्किंग स्थलों की खुली बोली लगाने वाले ठेकेदारों को 18 फीसदी जीएसटी अतिरिक्त देना होगा।