हमीरपुर। लाखों रुपये में भर्ती परीक्षा के पेपर लीक करने के आरोपी महज सात माह में ही पाई-पाई के मोहताज हो गए हैं। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो की कड़ी पड़ताल से आरोपी अब न्यायालय से जमानत मिलने के बाद भी जेल में रहने को मजबूर हो गए हैं। कुछ इस तरह के हालातों से पेपर लीक मामले की मुख्य आरोपी उमा आजाद के परिवार को भी जूझना पड़ रहा है।
उमा आजाद को पोस्ट कोड 939 जेओए आईटी भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में हमीरपुर न्यायालय से 15 जुलाई 2023 को जमानत मिल चुकी है। इसी तरह पोस्ट कोड 980 कला अध्यापक भर्ती परीक्षा लीक मामले में उमा के बेटे निखिल आजाद को न्यायालय से 17 जुलाई 2023 को जमानत मिल चुकी है। लेकिन दोनों आरोपियों को अभी तक कोई जमानत देने वाला व्यक्ति नहीं मिल पा रहा। नियमों के अनुसार बेल बांड (जमानतनामा) भरने पर ही आरोपियों को सशर्त जमानत मिलती है। जो व्यक्ति न्यायालय में किसी आरोपी की जमानत दे रहा हो उसे न्यायालय में या तो अपनी जमीन के दस्तावेज, कार या अन्य संपत्ति के दस्तावेज या फिर अपनी बैंक एफडी जमा करवानी पड़ती है। पति पहले ही अन्य मामलों में जमानतनामा भर चुका है। अब परिवार में किसी के पास भी इतनी संपत्ति नहीं बची है कि वह इन आरोपियों को न्यायालय से जमानत पर छुड़ा सके। जबकि बड़ा बेटा नितिन आजाद भी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में ही चल रहा है।
21 आरोपियों को मिल चुकी है जमानत
23 दिसंबर 2022 को विजिलेंस ने प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग की गोपनीय शाखा में सेवारत वरिष्ठ सहायक उमा आजाद के हमीरपुर हिमुडा कॉलोनी स्थित उसके घर पर दबिश देकर पोस्ट कोड 965 जेओए आईटी भर्ती परीक्षा का सौदा करते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। इसके बाद राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो की ओर से गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने एक-एक करके करीब 14 विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने का खुलासा किया। इस मामले में पूर्व सचिव डॉ. जितेंद्र कंवर, उमा आजाद, उमा के दोनों बेटे निखिल आजाद, नितिन आजाद, भांजी ममता, दो चपरासी किशोरी लाल और मदन लाल समेत 25 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया। वर्तमान में 21 आरोपियों को न्यायालय से जमानत मिल चुकी है। लेकिन उमा आजाद, उसके दो बेटे नितिन आजाद, निखिल आजाद और दलाल संजीव कुमार अभी तक जेल में हैं।
एडीजीपी विजिलेंस सतवंत अटवाल के नेतृत्व में एसआईटी टीम के सदस्यों डीआईजी जी शिवा कुमार, एसपी मंडी राहुल नाथ, एएसपी हमीरपुर रेणू शर्मा, एएसपी चंबा अभिमन्यु वर्मा, इंस्पेक्टर विजिलेंस अंकुर शर्मा, इंस्पेक्टर जितेंद्र, इंस्पेक्टर संजय कुमार, इंस्पेक्टर रोहित कुमार, इंस्पेक्टर मोहिंद्र और सुनील कौंडल समेत अन्य टीम मेंबर ने बहुत ही उम्दा कार्य किया है, जिसकी बदौलत आज एक दर्जन से अधिक पेपर लीक के मामले सामने आए हैं और अधिकांश आरोपी सलाखों के पीछे पहुंचे हैं।