कैंसर दिवस विशेष
किटों के माध्यम से की जाती हैं कैंसर की जांच, गायनी वार्ड में होती हैं इस्तेमाल
दो माह से खत्म हुआ स्टॉक अभी तक नहीं पहुंचा
जांच करवाने पहुंच रही महिलाओं को हो रही खासी परेशानी
सोनम शर्मा
हमीरपुर। डॉॅ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में दो माह से पैप किटें खत्म हैं, लेकिन अभी तक यह किटें नहीं मंगवाई गईं। इस कारण गायनी वार्ड में आने वाली महिलाओं को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
पैप किटों के माध्यम से गर्भाश्य के कैंसर की जांच की जाती है। पैप परीक्षण कैंसर कोशिकाओं और अन्य गर्भाशय ग्रीवा और योन समस्याओं, जैसे कि पूर्व कैंसर कोशिकाओं और सूजन का पता लगाने के लिए उपयोगी है। दो माह से किटें बाहर से खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बेहतरीन पैप किट की कीमत एक हजार रुपये तक होती है। ऐसे में जो महिलाएं गर्भाश्य के कैंसर से जूझ रहीं हैं, उन्हें बाहर से ही यह किट खरीदनी पडऩी पड़ रही है। इससे उनपर आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
दो माह से यह किटें नहीं हैं, लेकिन मेडिकल कॉलेेज प्रशासन गहरी नींद सोया हुआ है। अस्पताल में कई दवाइयां नहीं मिल पा रहीं, उनकी भी सप्लाई अभी तक मेडिकल कॉलेज में नहीं हुई है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि अस्पताल प्रशासन क्या कार्य कर रहा है। जब अस्पताल में स्वास्थ्य उपकरण और दवाइयां आदि ही उपलब्ध नहीं करवा पा रहे।
तीमारदारों सुनेत्रा, कंचन, आंचल, कश्मीरी, संतोष आदि ने कहा कि अस्पताल में पैप किटें उपलब्ध नहीं करवाई जा रही हैं। जब जांच करवानी होती है, तो बाहर से किट लेनी पड़ती है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता है। वहीं, इस बारे में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। अगर किटें नहीं हैं, तो शीघ्र ही उपलब्ध करवा दी जाएंगी।
समाचार : सोनम शर्मा