पंचकर्म और पेरा सर्जिकल प्रक्रिया से उपचार शुरू होते ही अस्पताल में बढ़ी ओपीडी
गर्दन, कमर, घुटनों के दर्द से पीड़ित मरीजों को मिल रहा पंचकर्म पद्धति का लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। आयुर्वेदिक अस्पताल लंबलू में पंचकर्म पद्धति और पेरा सर्जिकल प्रक्रिया के तहत मरीजों का इलाज शुरू हो गया है। अस्पताल में रोजाना दो से तीन मरीज पंचकर्म पद्धति से इलाज ले रहे हैं। इससे अस्पताल की ओपीडी में भी इजाफा हुआ है। पहले यहां पर रोजाना करीब 25-30 मरीज आते थे। एक महीने से ओपीडी की संख्या बढ़कर 55-60 तक पहुंच गई है। गर्दन, कमर, घुटनों के दर्द से पीड़ित मरीजों को पंचकर्म पद्धति से इलाज से बेहतर लाभ मिल रहा है। पेरा सर्जिकल प्रक्रियाओं में क्षार कर्म, क्षार सूत्र, अग्निकर्म सहित अन्य विधियां शामिल हैं।
आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश ने बताया कि यहां पर घुटने, गर्दन, पीठ कमर सहित अन्य गंभीर और पुराने रोगों का इलाज पंचकर्म और पेरासर्जिकल प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। उन्होंने बताया कि पेरा सर्जिकल प्रक्रिया आयुर्वेद का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह रोगों के प्रबंधन और उपचार के लिए एक सुरक्षित और प्रभावी दृष्टिकोण प्रदान करती है। मरीज अपना इलाज करवाने के साथ परामर्श के लिए भी अस्पताल पहुंच सकते हैं।
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13 को लगेगा निशुल्क जांच शिविर
आयुर्वेदिक अस्पताल लंबलू में 13 अगस्त को गुद्दा रोग संबंधी निशुल्क जांच शिविर लगाया जाएगा। आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश ने बताया कि शिविर में गुद्दा रोगों की चिकित्सा शल्य चिकित्सक विशेषज्ञ की ओर से की जाएगी। इस दौरान होम्योपैथिक मरीज भी शिविर में मौजूद रहेंगे। शिविर में निशुल्क खून की जांच और दवाइयां भी वितरित की जाएंगी।
आयुर्वेदिक अस्पताल लंबलू में पंचकर्म और पेरासर्जिकल प्रक्रिया से हो रहा मरीजों का इलाज। स्रोत :