अवाहदेवी (हमीरपुर)। बिजली के बिलों में दूध उपकर लगने से जनता में आक्रोश है। हालांकि सरकार का दावा है कि दूध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए बिजली बिल पर दूध उपकार (मिल्क सेस) लगाया है लेकिन लोगों में सरकार के इस फैसले के प्रति काफी नाराजगी है। पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे आम लोगों पर एक और कुठाराघात हो गया है। बिजली उपभोक्ताओं से एक अतिरिक्त शुल्क के रूप में दूध उपकर मार्च माह से सरकार ने लेना शुरू कर दिया है। यह शुल्क दस पैसे प्रति यूनिट वसूला जा रहा है। समीरपुर वार्ड के जिला परिषद सदस्य पवन कुमार ने सरकार के इस फैसले को जनविरोधी करार दिया है।
स्थानीय लोगों मनोज कुमार, राकेश कुमार, विपिन, ओम प्रकाश शर्मा, राजकुमार, बलवीर सिंह ने कहा कि सरकार का यह कदम आम जनता पर आर्थिक बोझ डालने वाला कदम है। एक तो पहले ही बिजली दरें महंगी हैं और ऊपर से दूध उपकर का अतिरिक्त शुल्क लगा दिया गया। सरकार को किसानों की मदद करनी चाहिए लेकिन जनता पर अतिरिक्त कर लगाकर नहीं। दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अन्य वित्तीय साधनों का उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने सरकार से इस फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग की है।