आयुर्वेदिक अस्पताल लंबलू का भवन। संवाद
हमीरपुर। इलाज के नाम पर सिर्फ पर्ची थमाई जा रही है, लेकिन दवाइयां नहीं मिल रही। यह हाल है लंबलू आयुर्वेदिक अस्पताल का जहां दवाइयों की किल्लत से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में रोजाना 50 से 60 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन आवश्यक दवाइयों की कमी के चलते उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
कई मरीजों को मजबूरन निजी मेडिकल स्टोरों से दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। वहीं, कुछ मरीजों को मेडिकल कॉलेज हमीरपुर और आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर की दौड़ लगानी पड़ रही है। अस्पताल की ओपीडी में अधिकतर मरीज खांसी, टाइफाइड और अन्य मौसमी बीमारियों से पीड़ित पहुंच रहे हैं। इसके अलावा घुटनों और जोड़ों के दर्द से जूझ रहे लोगों की भी संख्या अधिक है।
अस्पताल में कफ, खांसी और जोड़ों के दर्द की दवाइयां पिछले एक सप्ताह से उपलब्ध नहीं हैं। इस वजह से मरीजों को उम्मीद के अनुरूप उपचार नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि हर तीसरे या चौथे महीने दवाइयों की खेप आती है। इस बार खेप में देरी हो रही है, जिससे दवाइयों की कमी बनी हुई है।
आयुर्वेदिक अस्पताल लंबलू के मेडिकल ऑफिसर डॉ. मुकेश ने बताया कि दवाइयों की कमी का मामला ध्यान में है। उन्होंने कहा कि कुछ दवाइयां फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन मरीजों को बेहतर इलाज देने की कोशिश की जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही पर्याप्त मात्रा में दवाइयां अस्पताल में उपलब्ध होंगी।