हमीरपुर कॉलेज में नेताजी की प्रतिमा पर फूलमाला अर्पित करते पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर।
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हमीरपुर। समाज वही जीवित रहता है जो इतिहास से सबक लेता है। जनता के समक्ष सही इतिहास को रखना सरकार की जिम्मेदारी है। हमीरपुर महाविद्यालय में इतिहास विभाग की ओर से स्वतंत्रता संग्राम में नेताजी सुभाषचंद्र बोस की भूमिका का पुनर्लेखन पर ठाकुर राम सिंह इतिहास शोध संस्थान नेरी और कोलकाता के मौलाना अबुल कलाम एशियाई अध्ययन संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी के अंतिम दिन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नारे.. तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा.. ने भारतीयों की रगों में जोश भर दिया। इससे अंग्रेज सेना में भी बगावत हो गई। अंग्रेज भांप गए कि अब भारत को अधिक समय तक पराधीन नहीं रखा जा सकता। उन्होंने कहा कि नेरी शोध संस्थान सरीखी संस्थाएं इतिहास के सही व प्रमाणिक तथ्य जनता के समक्ष ला रहे हैं।
वीरेंद्र कंवर ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकारी आजादी के अमृत महोत्सव के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारियों को नमन कर रही है। ठाकुर राम सिंह इतिहास शोध संस्थान के निदेशक डॉ. चेत राम गर्ग ने बतौर वशिष्ठ अतिथि अपने संबोधन में कहा कि सुभाष चंद्र बोस का पूरा जीवन संघर्षमय रहा, लेकिन उन्होंने कभी भी अपने स्वतंत्रता के संकल्प को नहीं त्यागा। नेताजी सरीखे अन्य कई गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों ने देश को आजाद तो करवा दिया, अब वर्तमान पीढ़ी का यह दायित्व है कि वह राष्ट्र को उच्च स्तर पर ले जाए।
आयोजन सचिव प्रो. सौरभ सूद ने बताया कि इस दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में हिमाचल प्रदेश के अलावा जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश आदि राज्यों से प्रतिभागियों ने भाग लिया। 6 तकनीकी सत्रों में 60 शोध पत्र पढ़े गए।
इससे पूर्व महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अंजू बत्ता सहगल ने कहा कि नेताजी का जीवन सदियों तक भारतीयों को प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने महाविद्यालय परिवार की ओर से मंत्री वीरेंद्र कंवर व नेरी शोध संस्थान के निदेशक चेतराम गर्ग को सम्मानित किया।