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Hamirpur (Himachal) News: अधिकारी फील्ड में, कार्यालय में जल रही लाइटें, घूम रहे पंखे

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महिला बाल विकास विभाग हमीरपुर कार्यालय में जलती लाइटें जबिक कमरे में कोई कर्मचारी अधिकारी मौजूद
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आर्थिक संकट में भी सरकारी कार्यालयों में कार्य संस्कृति में कोई सुधार नहीं

बिजली बचत की एडवाइजरी पर भी नहीं कोई अमल, घाटे से जूझ रहा बिजली बोर्ड

अधिकतर विभागों से बोर्ड की लाखों रुपये की लेनदारी, व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी

संवाद न्यूज एजेंसी

हमीरपुर। आर्थिक संकट से जूझ रहे प्रदेश में सरकारी कार्यालयों में फिजूलखर्ची बदस्तूर जारी है। हमीरपुर जिले के दो विभागीय कार्यालयों में बिजली का दुरुपयोग भी जमकर हो रहा है। जिला मुख्यालय हमीरपुर में महिला बाल विकास विभाग और जिला कल्याण विभाग के कार्यालय आमने-सामने स्थित हैं। इन कार्यालयों में वीरवार को खूब अव्यवस्था देखने को मिली। समय वीरवार 01:27 बजे। स्थान जिला कल्याण विभाग कार्यालय हमीरपुर। जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय गीता मरवाहा जरूरी कार्य के चलते दौरे पर हैं। हालांकि, कमरे में सभी लाइटें भी बंद है और पंखे भी। बगल वाले कमरे में भी एक अधिकारी बैठते हैं लेकिन इस वक्त कार्यालय में नहीं है, लेकिन छत पर लगा पंखा घूम रहा है। ऐसा ही हाल कार्यालय की एक और ब्रांच में था। समय: 01:35। स्थान महिला बाल विकास कार्यालय हमीरपुर। विभाग के डीपीओ अनिल कुमार भी कार्यालय में नहीं हैं। पूछने पर पता चला कि जरूरी कार्य से बाहर गए हैं। यहां पर भी कमरे में लाइटें जल रही हैं। बगल में अधीक्षक के कमरे के बाहर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बैठे हैं। कमरे के अंदर अधिकारी नहीं है लेकिन लाइट भी जल रही है और पंखे भी चल रहे हैं। कार्यालय के अन्य कमरों में कर्मचारी लंच कर रहे हैं और व्यवस्था सामान्य है। फिजूलखर्ची को रोकने के लिए सरकार की ओर से हर माह एडवाइजरी जारी की जाती है। बिजली की बचत के लिए विशेष तौर पर कर्मचारियों और अधिकारियों को हिदायत दी जाती है लेकिन यह आदेश फाइलों तक ही सीमित हैं। सरकारी कार्यालय में एडवाइजरी का कोई सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। बिजली बोर्ड की प्रदेश सरकार के हर विभाग से लाखों की लेनदारी है। हमीरपुर जिला में भी यही हाल है। ऐसे में सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग होना अपने आप में बड़ा सवाल है। बीते 31 अगस्त को अधिकारी की सेवानिवृत्ति के दौरान भी दोनों कार्यालय में ऐसे ही हालात थे। कार्यालय के इक्का दुक्का कर्मियों को छोड़ सभी अधिकारी, कर्मचारी सेवानिवृत्ति कार्यक्रम में चले गए थे जबकि कार्यालय में पंखे चल रहे थे और लाइटें जल रही थीं। ऐसे में बार-बार कोताही बरतने पर सवाल उठना लाजिमी है।


कोट्स

महिला बाल विकास विभाग हमीरपुर के डीपीओ अनिल कुमार का कहना है कि उनकी आदत है कि कार्यालय से निकलते वक्त पंखे और लाइट बंद हो। हर दफा इसका ध्यान रखते हैं। यह सुनिश्चित किया जाएगा की फिजूलखर्ची न हो। सभी कर्मचारियों को इस विषय पर अमल करने के लिए निर्देश दिए जाएंगे।
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जिला कल्याण विभाग अधिकारी गीता मरवाहा का कहना है कि कार्यालय में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से इस विषय पर बात की जाएगी। फिजूलखर्ची बिल्कुल सही नहीं है। सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग न हो, यह सुनिश्चित किया जाएगा।
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