ऐतिहासिक श्री बिल्वकालेश्वर मंदिर के समीप बनाया जा रहा कैलाश पर्वत का प्रतिरूप : स्रोत जागरूक प
प्रदेश में पहली बार तैयार हुआ कैलाश पर्वत का 15 फीट ऊंचा प्रतिरूप
रंगस (हमीरपुर)। प्रदेश के ऐतिहासिक नगर नादौन को पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल हुई है। ऐतिहासिक श्री बिल्वकालेश्वर मंदिर के समीप ग्राम पंचायत फस्टे द्वारा मनरेगा कन्वर्जेंस के तहत धाम का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस धाम में विशेष आकर्षण के रूप में कैलाश पर्वत का भव्य प्रतिरूप तैयार करवाया गया है। सीमेंट व ईंटों से निर्मित लगभग 15 फीट ऊँचे इस प्रतिरूप का निर्माण विशेष तौर पर तमिलनाडु से आए कलाकार मुरली एवं उनकी टीम ने किया है। इस पर लगभग साढ़े तीन लाख रुपये की राशि खर्च की जा रही है। कैलाश पर्वत निर्माण के लिए स्थानीय व्यवसायी सुधीर व प्रभात चौधरी ने राशि दान की है।
धाम में स्थापित भगवान शिव की गंगाधरेश्वर स्वरूप की यह प्रतिमा पूरे भारत में मात्र दूसरी है। पहली प्रतिमा केरल के एजिमला में स्थित है। इससे नादौन की धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता और भी बढ़ गई है। खंड विकास अधिकारी नादौन निशांत शर्मा ने बताया कि इस निर्माण पर लगभग 40 लाख रुपये की राशि व्यय की जा रही है। कार्य शीघ्र ही पूर्ण होने की कगार पर है। धाम परिसर में बच्चों के लिए झूले, जिम व पार्क भी विकसित किया गया है और आने वाले समय में अन्य पर्यटन सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के विजन के तहत पर्यटन विभाग के अलावा विकास खंड नादौन में ग्राम पंचायतों के माध्यम से भी विभिन्न ग्रामीण पर्यटन विकास की योजनाएं स्थापित की जा रही हैं। नादौन का बिल्वकालेश्वर धाम इस दिशा में एक अनूठी पहचान बनने जा रहा है।