हमीरपुर। जिले के 433 प्राथमिक स्कूलों में अब विद्यार्थियों के साथ अभिभावक भी किताबें पढ़ेंगे। नौनिहालों में किताबों को पढ़ने की आदत डालने के लिए स्कूलों में रूम टू रीड अभियान शुरू हो गया है।
अभियान के प्रथम चरण में शिक्षक विद्यार्थियों को स्कूल स्तर पर पुस्तकालयों की किताबें पढ़ने के लिए दे रहे हैं, ताकि विद्यार्थी स्कूल के साथ घर पर भी किताबों से कहानियां पढ़ सकें। अब दूसरे चरण में नई शिक्षा नीति 2020 के तहत प्रत्येक सप्ताह पुस्तकालयों में प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। प्रदर्शनियों में विद्यार्थियों के लिए पुस्तकालय की प्रत्येक पुस्तक को प्रदर्शित किया जाएगा।
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावक स्कूल में 20-30 मिनट तक किताबों को पढ़ेंगे, जिससे विद्यार्थियों को उच्चारण के साथ गलतियों के बारे में बताने के लिए एक साथ दो शिक्षक होंगे। रूम टू रीड अभियान की माॅनिटरिंग जिला स्तर पर की जाएगी। प्रत्येक सप्ताह जिला शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से अभियान की मूल्यांकन रिपोर्ट निदेशालय में प्रेषित होगी।
अभियान का संचालन डीएलएड प्रशिक्षु स्कूल स्तर पर जाकर करेंगे। अभियान विशेष तौर पर छोटी कक्षाओं से ही विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत डालने व उनके समग्र विकास के लिए चलाया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक माध्यम के साथ पढ़ाई करने में परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं, समुदाय को भी स्कूलों के साथ जोड़ा जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को स्कूल के साथ घर पर भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
कोट
प्राथमिक स्कूलों में रूम टू रीड अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रमों को आयोजन किया जा रहा है। अभियान के तहत विद्यार्थियों को किताबों से जोड़ने और उनमें पढ़ने की आदत डालने का कार्य किया जाएगा। इसमें स्कूल में अभिभावक विद्यार्थियों के साथ किताबों को पढ़ेंगे।
-नेक मोहम्मद, जिला समन्वयक, पुस्तकालय