हमीरपुर। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) ने घाटे से उभरने के प्रयास में कम आय वाले रूटों को बंद करने का कदम उठाया है। इस प्रक्रिया के तहत हमीरपुर डिपो ने पूर्व सैनिकों के लिए चलाई जा रही चार बसों में से तीन को बंद करने का निर्णय लिया है। अब केवल एक ही बस इस रूट पर चलेगी।
पूर्व में पूर्व सैनिकों की सुविधा के लिए हमीरपुर से बाईपास पास लोहरड़ा स्थित कैंटीन तक जाने के लिए चार बसें चलाई जा रही थीं। ये बसें सुबह 8:15, 9:30, 11:30 और दोपहर 3:30 बजे चलती थीं। मगर रूट पर सवारियां कम होने और बसों का खर्च तक नहीं निकल पाने के कारण निगम ने चार में से तीन बसों को बंद करने का फैसला किया है। अब केवल सुबह 8:15 बजे वाली बस ही कैंटीन के लिए रवाना होगी। रविवार को यह बस भी बंद रहेगी।
मई में पूर्व सैनिकों की कैंटीन को हमीरपुर बाईपास के पास लोहरड़ा में किराये के भवन में स्थानांतरित किया गया था। हमीरपुर बस अड्डे से कैंटीन की दूरी पांच किलोमीटर से अधिक है। इसके कारण पूर्व सैनिकों को कैंटीन तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या को हल करने के लिए हमीरपुर डिपो ने चार बसें शुरू की थीं, लेकिन सवारियों की कमी के कारण यह सेवा घाटे में चल रही थी।
एचआरटीसी के मंडलीय प्रबंधक हमीरपुर राजकुमार पाठक ने कहा कि पूर्व सैनिकों की सुविधा के लिए हमीरपुर से बाईपास पास लोहरड़ा रूट पर चार बसें चलाई गई थीं, लेकिन सवारियां कम होने से तीन बसों को बंद कर दिया गया है। अब केवल सुबह 8:15 बजे वाली बस ही चला करेगी, और रविवार को यह बस भी बंद रहेगी।