हमीरपुर। मोबाइल वेटरनरी यूनिट अब जागरूकता शिविर और टीकाकरण कार्यक्रम में सेवाएं देंगी। मोबाइल वेटरनरी यूनिट के कम प्रयोग पर पशुपालन विभाग ने यह निर्णय लिया है।
पशुपालन विभाग की ओर से जागरूकता शिविरों और पशुओं के टीकाकरण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। कार्यक्रमों में यूनिट के शामिल होने से पशुपालकों में यूनिट के बारे में जागरूकता बढ़ेगी। वहीं, शिविरों में पशुओं के इलाज में भी कारगर साबित होगा। पशुओं को घर-द्वार पर इलाज उपलब्ध करवाने के लिए मोबाइल वेटरनरी यूनिट की सुविधा दी गई है।
जिला हमीरपुर में चार मोबाइल वेटरनरी यूनिट हैं। नादौन, सुजानपुर, भोरंज और बड़सर में यूनिट सेवाएं दे रही हैं, लेकिन पशुपालक इसका लाभ बहुत कम ले रहे हैं। एक मोबाइल वेटरनरी यूनिट पर दिन में तीन से चार केस आ रहे हैं। पिछले साल से ही संजीवनी प्रोजेक्ट के तहत एक निजी कंपनी से एमओयू हुआ था। इस पहल के तहत मोबाइल वेटरनरी यूनिट के माध्यम से पशुपालकों को घर-द्वार पर ही पशुओं को चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
पशुपालक टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल करके आपात स्थिति में गंभीर पशु रोगों के उपचार के लिए सेवा प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि यह मोबाइल वेटरनरी यूनिट सुबह 10:00 से शाम 5:00 बजे तक ही कार्य करती है। सरकारी छुट्टी के दिन भी इसकी सुविधा नहीं ली जा सकती है।
कोट
जिला में चार मोबाइल वेटरनरी यूनिट की सेवाएं ली जा रही हैं। लोगों में जागरूकता की कमी के कारण इस यूनिट का अधिक उपयोग नहीं हो रहा है। अब जागरूकता शिविर और टीकाकरण कार्यक्रम में यूनिट की सेवाएं ली जाएंगी।
-सतीश कपूर, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग, हमीरपुर