हमीरपुर। अब निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और विद्यार्थियों के भी पहचान पत्र बनाए जाएंगे। इसके लिए जिले में प्राइमरी और मिडल स्कूलों के प्रभारी अपने स्तर पर बजट की व्यवस्था कर रहे हैं। कई स्कूलों को प्रबंधन समितियों और विकास में सहयोग के तहत सक्षम लोगों से चंदा भी मिल रहा है।
कुछेक स्कूलों में अंग्रेजी में प्रार्थना सभाएं में हो रही हैं। यहां तक स्कूल ड्रेस भी निजी स्कूलों की तर्ज पर काफी आकर्षक तैयार की गई हैं। वहीं प्राइमरी स्कूलों में दीवार लेखन और बच्चों के खेलने के लिए झूले आदि की व्यवस्था की गई है। अब विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए पहचान पत्र तैयार किए जा रहे हैं। मानसून सत्र के बाद स्कूल खुलने पर शिक्षकों और विद्यार्थियों को पहचान पत्र वितरित किए जाएंगे। इसका एक फायदा यह होगा कि स्कूल जाते या वापस घर आते समय किसी विद्यार्थी के साथ अगर कोई अप्रिय घटना होती है तो संबंधित विद्यार्थी के स्कूल या परिजनों तक आसानी से सूचना पहुंचाई जा सकती है। इसके अलावा पहचान पत्र के जरिये एक अलग पहचान भी मिलेगी। स्कूल समय के दौरान शिक्षकों और छात्रों को गले में पहचान पत्र लटकाना अनिवार्य रहेगा।
उधर, प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उपनिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि जिले के प्राइमरी और मिडल स्कूलों के प्रभारियों ने अपने स्तर पर शिक्षकों और विद्यार्थियों के पहचान पत्र तैयार किए हैं। मानसून सत्र के बाद यह पहचान पत्र वितरित किए जाएंगे।