संवाद न्यूज एजेंसी
भोटा (हमीरपुर)। जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों के अहम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोटा अब प्रतिनियुक्ति के डाॅक्टर के सहारे चल रहा है। लंबे समय से महज एक डाॅक्टर के सहारे इस अस्पताल को चलाया जा रहा है।
वहीं, अब एकमात्र डाॅक्टर के भी अवकाश पर जाने से इस अस्पताल को प्रतिनियुक्ति के डाॅक्टर के सहारे चलाया जा रहा है। शिमला-मटौर नेशनल हाईवे पर स्थित यह अस्पताल सड़क दुर्घटनाओं के दौरान भी उपचार का बेहतर साधन साबित होता है। ऊना-मंडी वाया भोटा सुपरहाइवे यहीं से होकर गुजरता है। कई दफा सड़क दुर्घटनाएं होने पर इस अस्पताल में मरीजों को लाया जाता है। पहले इस अस्पताल में 24 घंटे उपचार की सुविधा की व्यवस्था थी, लेकिन अब डाॅक्टरों की कमी से स्थानीय लोगों को बेहद दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जब इस अस्पताल को कुछ साल पूर्व 24 घंटे चलाया जा रहा था तो चार डॉक्टर अपनी सेवाएं यहां पर दे रहे थे। पिछली भाजपा सरकार ने इस अस्पताल को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से सीएचसी का दर्जा दिया। कांग्रेस सरकार ने दर्जे को डिनोटिफाई कर दिया। अस्पताल में लगभग 11 पंचायतों के लोग इलाज करवाने के लिए आते हैं। बड़सर, भोरंज और हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र से हर दिन 60 से 70 लोग उपचार के लिए यहां पर पहुंचते हैं, लेकिन अब 24 घंटे उपचार की सुविधा नहीं मिल रही है।
स्थानीय लोगों संजय, राजेश, अनिल, विजय, पंकज, मदन, च़मन कुमार, चंद्र मोहन ने सरकार से भोटा अस्पताल का दर्जा फिर से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से बढ़ाकर सीएचसी करने की मांग उठाई है।