जिले के सरकारी स्कूलों में इंटरनेट सुविधा न होने पर अब स्कूल प्रभारियों को नोटिस जारी किए जाएंगे। उच्च शिक्षा विभाग ने डिजिटल शिक्षा को प्रभावी बनाने के लिए सख्त रुख अपनाया है।
इसके लिए सभी स्कूलों में इंटरनेट सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। जिन स्कूलों में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध नहीं होगी, उन स्कूल प्रमुखों को नोटिस जारी किया जाएगा और उनसे इसके न शुरू होने का कारण पूछा जाएगा।
इसके अतिरिक्त, जिला स्तरीय निरीक्षण कमेटी स्कूलों में जाकर संसाधनों, कंप्यूटर लैब की स्थिति, नेटवर्क कनेक्टिविटी और डिजिटल शिक्षा के लिए लगाए गए उपकरणों की रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके आधार पर स्कूल प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पिछले शैक्षणिक सत्र 2025-26 में शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रमुखों को स्कूलों की कंपोजिट ग्रांट से इंटरनेट सुविधा शुरू करने के निर्देश दिए थे, ताकि विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई में कोई परेशानी न हो, लेकिन इसके बावजूद कई स्कूलों में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है।
खासकर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के स्कूलों में विद्यार्थियों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स, ई-कंटेंट, वर्चुअल क्लासेज और डिजिटल लर्निंग टूल्स का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
समस्या के समाधान के लिए विभाग ने इस सत्र के शुरुआत से ही स्कूलों में निरीक्षण शुरू करने का निर्णय लिया है, ताकि विद्यार्थियों को स्कूल स्तर पर पढ़ाई में बेहतर सहायता मिल सके।
कोट
स्कूल प्रमुखों को कंपोजिट ग्रांट से इंटरनेट सुविधा शुरू करने के निर्देश दिए हैं। निर्देशों की अवहेलना करने वाले प्रभारियों को नोटिस जारी होंगे, ताकि स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
-डॉ. एमआर चौहान, उपनिदेशक, उच्च शिक्षा विभाग हमीरपुर