मिड डे मील स्कीम की जिला को-आर्डिनेटर को तीन महीने की छुट्टी मंजूर करने के मामले में हमीरपुर के प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उपनिदेशक सवालों में घिर गए हैं।
शिमला स्थित निदेशालय से उपनिदेशक को इस संबंध में नोटिस जारी हो गया है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ने उपनिदेशक से इस बारे में जवाब तलब किया है।
निदेशालय ने प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक से पूछा है कि उन्होंने किस आधार पर मिड डे मील स्कीम (एमडीएमएस) की जिला को-आर्डिनेटर को तीन महीने की छुट्टी स्वीकृत कर दी।
दरअसल शिक्षा विभाग में भारत सरकार की संचालित मिड डे मील योजना के क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर को-आर्डिनेटर रखे गए हैं।
यह जिला को-आर्डिनेटर प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स पर रखे हैं। प्रदेश सरकार कंपनी को भुगतान करती है, आगे कंपनी अपने कर्मचारियों को वेतन का भुगतान कर रही है। आउटसोर्स पर रखे जिला को-आर्डिनेटर उपनिदेशक के अधीन आते हैं।
मिड डे मील के बजट का ब्योरा और राशन की खपत के सारे आंकडे़ जिला को-आर्डिनेटर के पास होते हैं। नियमों के अनुसार आउटसोर्स पर तैनात जिला को-आर्डिनेटर के अवकाश पर जाने की सूचना उपनिदेशक को शिक्षा निदेशक को भेजनी होती है। लेकिन शिक्षा उपनिदेशक ने जिला को-आर्डिनेटर को तीन माह की छुट्टी को बिना निदेशक को सूचित किए स्वीकृत कर दिया।
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मिड डे मील स्कीम की जिला को-आर्डिनेटर के परिवार का एक सदस्य बीमार था। पहले एक महीने की छुट्टी दी गई थी, जिसे बाद में तीन महीने के लिए बढ़ाया गया। निदेशालय से नोटिस मिला है, जिसका जवाब भेज दिया गया है।
-इंद्रजीत सिंह, उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा विभाग, हमीरपुर
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मिड डे मील स्कीम की जिला को-आर्डिनेटर को अवकाश पर भेजने की सूचना निदेशालय में देना अनिवार्य है। निदेशालय से बिना स्वीकृति तीन महीने के अवकाश पर नहीं भेजा जा सकता। नोटिस जारी किया गया है। जवाब मिलने पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-आरके पुरुथी, निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा विभाग शिमला