हमीरपुर। नगर परिषद हमीरपुर के तीन पार्किंग स्थलों को एक साल तक बिना रेंट एग्रीमेंट आवंटित करने और आगामी पांच वर्षों के लिए अनुबंध पीरियड बढ़ाने के प्रस्ताव को शहरी विकास विभाग ने रद्द कर दिया है। निदेशालय के इस फरमान के बाद शहर में चहेतों को फायदा पहुंचाने के मंसूबों पर पानी फिर गया है। अनुबंध पीरियड का प्रस्ताव रद्द होने से अब नगर परिषद बैकफुट पर आ गई है। नगर परिषद के दो पार्षदों अनिल सोनी और संदीप भारद्वाज ने हाउस में पारित तेरह पार्षदों के प्रस्ताव को जिला प्रशासन और निदेशालय में चुनौती दी थी।
इन दो पार्षदों के विरोध प्रस्ताव को नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी ने उपायुक्त हमीरपुर, एसडीएम और निदेशालय शहर विकास विभाग को आगामी कार्रवाई के लिए भेजा था। अमर उजाला ने 10 फरवरी और 11 फरवरी के अंक में इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद निदेशक शहरी विकास विभाग ने विरोध को जायज मानते हुए नगर परिषद के पार्षदों के प्रस्ताव को खारिज कर नए सिरे से सभी पार्किंग स्थलों की खुली नीलामी करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि नगर परिषद हमीरपुर ने शहर में वाहन चालकों को सुविधा के लिए तीन पार्किंग स्थलों का निर्माण किया है। नगर परिषद ने फरवरी 2019 में खुली नीलामी के जरिये इन तीन पार्किंग स्थलों को एक साल की अवधि के लिए आवंटित किया था। लेकिन, एक साल तक यह तीनों पार्किंग स्थल बिना रेंट एग्रीमेंट के चलते रहे। अभी 29 जनवरी 2020 को नगर परिषद ने हाउस में इन तीनों पार्किंग स्थलों को बिना खुली नीलामी करवाए पुराने ठेकेदारों के अनुबंध पीरियड को पांच साल तक बढ़ाने के प्रस्ताव को पारित कर दिया। जिसका पार्षद अनिल सोनी और संदीप भारद्वाज ने विरोध किया। उधर, हिमाचल प्रदेश शहरी विकास विभाग शिमला के निदेशक राम कुमार गौतम ने कहा कि हमीरपुर नगर परिषद की ओर से पार्किंग के प्रस्ताव को रद्द कर दिया गया है। यह प्रस्ताव नगर परिषद के हित में नहीं था, इसे ओपन टेंडर के जरिये दोबारा आवंटित करने के निर्देश दिए हैं।