हमीरपुर। जिले भर के स्कूलों में 138 शारीरिक शिक्षकों के पद खाली चल रहे हैं। इस कारण विद्यार्थियों को खेलों का प्रशिक्षण हासिल करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल शारीरिक शिक्षकों का अभाव होने से बच्चे खेलकूद गतिविधियों में लगातार पिछड़ रहे हैं। अधिकांश स्कूलों में पिछले पांच से छह वर्षों से शारीरिक शिक्षकों के पद खाली चल रहे हैं।
वहीं, किसी भी स्कूल में बीते दो वर्षों में किसी भी शिक्षक की नियुक्ति नहीं हो पाई है। अभिभावकों राकेश कुमार, सुरेश कुमार, सुरजीत सिंह, रोशन ठाकुर और रेखा कुमारी का कहना है कि स्कूलों में शारीरिक शिक्षकों के पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। उचित ट्रेनिंग न मिल पाने के कारण विद्यार्थी चाह कर भी खेल प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं।
अभिभावकों ने कहा है कि वे इससे पहले भी कई बार स्कूल प्रबंधन समिति की बैठकों में शिक्षा विभाग को रिक्त पदों के बारे में अवगत करवा चुके है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। स्कूल में प्राप्त ट्रेनिंग न मिल पाने के कारण विद्यार्थी हर वर्ष खेल प्रतियोगिताओं में विद्यार्थी पिछड़ रहे है। वहीं, उनमें दिन प्रतिदिन खेलकूद गतिविधियों में भाग लेने की इच्छा भी समाप्त हो रही है।
स्कूलों में शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति के बारे में अदालत में मामला चला हुआ है। कोर्ट से फैसला होते ही रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाएगी।
कुलभूषण राकेश, उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा विभाग