उपमंडल भोरंज में मनरेगा कार्य बीते चार माह से ठप पड़े हैं। मनरेगा के तहत खोदे गए जल भंडारण टैंकों का कार्य अधर में लटकने से हादसों का खतरा हो गया है।
हालांकि बरसात शुरू होने से टैंकों में बारिश का पानी जमा होने से खतरा और भी बढ़ गया है। लोगों ने विभाग से मांग की है कि मनरेगा कार्यों के लिए जल्द से जल्द सीमेंट मुहैया करवाया जाए।
वार्ड सदस्य विनोद कुमार, शम्मी कुमार, संतोष कुमारी, रमेश चंद, मूलराज, पूर्व प्रधान वीर सिंह रणौत, सूरत सिंह आदि का कहना है कि पंचायत क्षेत्र में छह दर्जन से अधिक जल भंडारण टैंक खोदे गए हैं, लेकिन सीमेंट न होने से जल भंडारण टैंकों का काम अधर में लटक गया है।
टैंकों की खुदाई के बाद काम बंद हो गया है। बुधवार रात को भी एक आवारा पशु खोदे गए जल भंडारण टैंक में गिर गया है। वीरवार को दमकल वाहन से इसे कड़ी मशक्कत से बाहर निकाला गया।
लोगों ने विभाग से मांग की पंचायतों में जल्द से जल्द सीमेंट मुहैया करवाया जाए। बीडीओ भोरंज यशपाल सिंह का कहना है कि मनरेगा कार्यों के लिए अब तक पैसा नहीं आया है। बजट मिलते ही कार्य शुरू कर दिए जाएंगे।