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आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली मीटर नहीं, ठंड में ठिठुर रहे नौनिहाल

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बिझड़ी (हमीरपुर)। क्षेत्र के कई आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली व्यवस्था न होने के चलते नौनिहाल सर्दी में ठिठुरने को मजबूर हैं। आलम यह है कि इस इलाके में पौने तीन सौ के करीब आंगनबाड़ी केंद्र हैं। पांच दर्जन के करीब ऐसे आंगनबाड़ी केंद्र हैं जहां पर बिजली की व्यवस्था नहीं है। एक तरफ सरकार आंगनबाड़ी केंद्र में नौनिहालों के लिए मूलभूत सुविधाएं होने के बड़े-बड़े दावे रही है लेकिन, धरातल पर हकीकत कुछ और ही है। आंगनबाड़ी केंद्र में नौनिहालों के लिए सुविधाएं नाममात्र की ही हैं। इनमें से कुछ एक आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे भी हैं जहां पर कई वर्षों बाद भी बिजली के मीटर तक नहीं लग पाए हैं। जिसकी वजह से नौनिहाल सर्दियों के दिनों में सर्दी से ठिठुरने को मजबूर हैं।
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वर्षों की इस समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने हाल ही में आंगनबाड़ी केंद्र को प्राथमिक स्कूलों से जोड़ने की मुहिम भी चलाई थी लेकिन, वह भी सिरे नहीं चढ़ पाई है। हालांकि, इन सभी अव्यवस्थाओं का मुख्य कारण अपना भवन नहीं होना माना जा रहा है। यदि इस बारे में विभागीय अधिकारियों की मानें तो आंगनबाड़ी केंद्र भवनों का न बनने का मुख्य कारण अधिकांश क्षेत्रों में भूमि का उपलब्ध न होना है। इसी वजह से आंगनबाड़ी केंद्र के भवन नहीं बन पा रहे हैं। फिर भी विभाग की तरफ से जिन आंगनबाड़ी केंद्रों के पास भूमि है वहां पर बजट की स्वीकृति करवाकर भवनों का निर्माण करवाया जा रहा है तथा बिजली मीटर भी लगाए जा रहे हैं। अभिभावकों ने प्रदेश सरकार से आंगनबाड़ी केंद्रों में सुविधाओं की मांग उठाई है। इस संदर्भ में सीडीपीओ एचडी भाटिया का कहना है कि जहां पर आंगनबाड़ी केंद्रों के अपने भवन बन गए हैं, वहां पर बिजली के मीटर भी लगवा दिए गए हैं। अन्य आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली की व्यवस्था के प्रयास किए जा रहे हैं।
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