बस अड्डा हमीरपुर के निर्माण के लिए एचआरटीसी को कोई निर्माण कंपनी नहीं मिल रही है। एचआरटीसी प्रबंधन अड्डा निर्माण के लिए तीन बार टेंडर काल कर चुका है, लेकिन तीनों बार किसी कंपनी ने कोई आवेदन नहीं किया।
जिला मुख्यालय से लगते पक्का भरो बाईपास पर सालों से बस अड्डा निर्माण के लिए भूमि चिन्हित है। 28 हजार 302 वर्ग मीटर क्षेत्र में बस अड्डा का निर्माण होना है। भूमि के एचआरटीसी के नाम होने की सारी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं।
इसके बावजूद अड्डे का निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा है। निगम प्रबंधन का दावा है कि बस अड्डे के निर्माण के लिए तीन बार टेंडर काल किए जा चुके हैं, लेकिन किसी भी निर्माण कंपनी ने अब तक कोई आवेदन नहीं किया। प्रबंधन ने प्रदेश सरकार को बस अड्डा के निर्माण के बारे में प्रपोजल भेज दी है। वहीं शहरवासियों ने सरकार से बस अड्डे के जल्द निर्माण की मांग उठाई है।
करोड़ों की संपत्ति लावारिस
बस अड्डे का निर्माण शुरू न होने से निगम प्रबंधन की करोड़ों रुपये की संपत्ति लावारिस होकर रह गई है। एचआरटीसी के हमीरपुर डिपो में कुल 160 बसें हैं जिनमें चार वोल्वो, 50 जेएनएनयूआरएम और दो दर्जन नई बसें हैं। हमीरपुर अड्डे में रवाना होने से 10 मिनट पहले ही बसें प्रवेश करती हैं। वर्कशॉप में सिर्फ 40 बसों को खड़ा करने की क्षमता है। वर्कशॉप में वोल्वो बसें प्रवेश नहीं कर पाती हैं। निगम की करोड़ों रुपये की संपत्ति अड्डे के लिए चिन्हित भूमि, बाईपास और वर्कशॉप के बाहर धूल फांक रही है।
टेंडर काल करने के बावजूद किसी निर्माण कंपनी ने आवेदन नहीं किया है। इसकी रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भेज दी गई है।
- पंकज सिंघल, डीएम, एचआरटीसी शिमला