हमीरपुर। एनआईटी हमीरपुर के छात्र की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु के बाद निदेशक प्रोफेसर एचएम सूर्यवंशी और रजिस्ट्रार डॉ. अर्चना नानोटी ने छात्र कल्याण, छात्रावास प्रशासन और संस्थान की सुरक्षा से जुड़े सभी संकाय और स्टाफ सदस्यों की एक शृंखला बैठक बुलाई।
उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं, शराब और धूम्रपान के प्रति संस्थान की जीरो टॉलरेंस नीति को सख्ती से लागू करने और संस्थान ने विभिन्न स्तरों पर बड़ी संख्या में उपाय करने का निर्णय लिया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। संस्थान ने छात्रों की लगातार निगरानी करने और उन्हें नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खतरे के बारे में जागरूक करने के लिए छात्र परामर्श कार्यक्रम गंभीरता से आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। संस्थान की सीमा के भीतर बाहरी लोगों और छात्रों के अवैध प्रवेश को रोकने के लिए मौजूदा कंटीले तारों की बाड़ में सुधार का कार्य चल रहा है। विभिन्न स्थानों पर यात्रियों के लिए खोले गए छोटे गेट बंद कर दिए जाएंगे। छात्रावास प्रशासन को छात्रावास के कमरों की औचक जांच की संख्या बढ़ाने और रात में छापामारी करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, छात्रों को शैक्षणिक और व्यक्तिगत मुद्दों पर सलाह देना और छात्रों के साथ बातचीत बढ़ाना, छात्र परामर्श लागू किया जाएगा और छात्रों के एक समूह को एक शिक्षक सलाहकार नियुक्त किया जाएगा। छात्रों की व्यक्तिगत समस्याओं में मदद के लिए छात्र परामर्श कक्ष को मजबूत किया जाएगा। काउंसलिंग की पहुंच बढ़ाने के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग प्लेटफॉर्म योर दोस्त भी उपलब्ध कराया जाएगा।
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आर्किटेक्चर कोर्स के लिए सीओए करेगी इसी माह निरीक्षण
हमीरपुर। एनआईटी हमीरपुर में आर्किटेक्चर कोर्स की मान्यता नवीनीकरण के विवाद को सुलझाने के लिए इसी माह काउंसिल फोर आर्किटेक्चर की टीम संस्थान का निरीक्षण करेगी। बता दें कि वर्ष 2019 से लेकर 2022 तक जिन विद्यार्थियों ने एनआईटी हमीरपुर से आर्किटेक्चर में डिग्री हासिल की है, उन्हें अपना रजिस्ट्रेशन करवाने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। संस्थान में आर्किटेक्चर की कुल 58 सीटें हैं। इसके लिए प्रत्येक वर्ष सीओए से मान्यता का नवीनीकरण करवाना आवश्यक है। एनआईटी रजिस्ट्रार डॉ. अर्चना नानोटी ने कहा कि इसी माह के अंत में सीओए की टीम एनआईटी हमीरपुर आ रही है।