इस प्लेटफॉर्म में पांच एआई एजेंट असिस्ट अप्लाई, प्रोफाइल डिस्कवरी, स्कीम डिस्कवरी, एलिजिबिलिटी और फ्रॉड डिस्कवरी शामिल हैं। इन्हें मॉडल कॉन्टेक्स्ट प्रोटोकॉल (एमसीपी) तकनीक के माध्यम से इंटीग्रेट किया गया है, जिससे ये एक-दूसरे के साथ समन्वय कर यूजर को स्टेप-बाय-स्टेप मार्गदर्शन देंगे। यूजर अपनी शैक्षणिक योग्यता और अन्य जरूरी दस्तावेज अपलोड करेगा तो सिस्टम स्वतः उसका विश्लेषण कर बताएगा कि वह किन सरकारी योजनाओं के लिए पात्र हैं। संबंधित अधिसूचनाओं की जानकारी देने के साथ आवेदन फार्म भी स्वत: भरकर देगा। असिस्ट अप्लाई पर क्लिक कर दस्तावेज अपलोड करते ही यह फार्म को चंद क्षणों में भर देगा।
प्लेटफॉर्म पर स्पीकर आइकन की सुविधा भी दी गई है। इस पर क्लिक कर यूजर योजनाओं की जानकारी सुन भी सकेंगे, जिससे कम शिक्षित या ग्रामीण पृष्ठभूमि के लोगों को भी आसानी होगी। टीम बिट ब्रिबर्स के सदस्य अंशुमन, अंकित, अभिमन्यु और यथा ने इस प्रोजेक्ट को विकसित किया। टीम सदस्य यथा ने बताया कि आम लोगों को कई सरकारी वेबसाइटों और योजनाओं की जानकारी नहीं मिल पाती। यह प्लेटफॉर्म पात्रता के आधार पर योजनाएं खोजने, आवेदन करने और फ्रॉड से बचाव में मददगार साबित होगा। संस्थान के निदेशक प्रो. एचएम सूर्यवंशी, रजिस्ट्रार डॉ. अर्चना नानोटी और आयोजन प्रभारी डॉ. संदीप कुमार सिंह ने 13 से 15 मार्च 2026 तक इलेक्ट्रोथॉन में विद्यार्थियों के नवाचार की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।