जोलसप्पड़ में निर्माणाधाीन मेडिकल कॉलेज। (स्रोत संवाद)
हमीरपुर। निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज जोलसप्पड़ में वायरस रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक (वीआरडी) लैब भी बनाई जाएगी। पूर्व में इस लैब को हमीरपुर अस्पताल में ही खोलने के लिए कहा गया था, लेकिन अस्पताल में जगह की कमी के कारण अब यह लैब जोलसप्पड़ में मेडिकल कॉलेज के आने वाले समय में शिफ्ट होने के बाद वहां खोली जाएगी। यह अत्याधुनिक लैब वायरस का पता लगाने में सक्षम होगी। इससे रिसर्च, टेस्टिंग और क्षमता में वृद्धि होगी।
छात्रों को नए वायरस के अध्ययन का अवसर मिलेगा। लैब को संचालित करने के लिए यहां पर स्टाफ भी तैनात किया जाएगा। केंद्र सरकार की तरफ से इसके लिए बजट का भी प्रावधान किया जाएगा। आमतौर पर हर मेडिकल कॉलेज में वीआरडी लैब होती है। इसी लैब के लिए हमीरपुर अस्पताल को भी केंद्र सरकार द्वारा खोलने के लिए कहा गया था, लेकिन यहां जगह कम होने के कारण यह लैब नहीं बन पाई। अब जोलसप्पड़ में शिफ्ट होने के बाद यहां पर यह लैब बनाई जाएगी। वर्तमान में हमीरपुर से वायरस जांच के लिए सैंपल दिल्ली, शिमला और टांडा आदि भेजे जाते हैं, लेकिन मेडिकल कॉलेज में वीआरडी लैब खुलने के बाद वायरस का यहीं पर परीक्षण हो जाएगा। वीआरडी लैब में ही वायरस की जांच या स्किवेसिंग का पता चलेगा। इस लैब के संचालन से वायरस का परीक्षण करने के लिए सैंपल जांच के लिए कहीं अन्य जगह नहीं भेजने पड़ेंगे। यहां पर वायरस की जांच कर तुरंत प्रभाव से बचाव का प्रभावी उपचार शुरू कर दिया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में वीआरडी लैब खुलना प्रस्तावित है। वर्तमान में यहां हमीरपुर मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में जगह की कमी होने की वजह से इसे संचालित कर पाना संभव नहीं है। जब मेडिकल काॅलेज जोलसप्पड़ शिफ्ट हो जाएगा, तब इसके संचालन की व्यवस्था की जाएगी।
डॉ. रमेश भारती, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर