हमीरपुर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी नमो ड्रोन दीदी योजना हमीरपुर जिले में उड़ान नहीं भर पाई है। उड़ान से पहले ही यह योजना सरकारी फाइलों में दब गई है। केंद्र सरकार की ओर से महिला स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई यह योजना आठ महीने बाद भी कागजों से आगे नहीं बढ़ पाई है।
कृषि विभाग ने ड्रोन वितरण के लिए जिले के दो स्वयं सहायता समूहों के नाम करीब आठ महीने पहले उच्च अधिकारियों को भेज दिए थे, लेकिन प्रक्रिया अधूरी रहने के कारण अब तक किसी समूह को ड्रोन नहीं मिल सका है। योजना पर अमल न हो पाने से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की कवायद थम गई है।
80 फीसदी अनुदान पर मिलना था ड्रोन
इस योजना के तहत ड्रोन पर करीब 80 फीसदी अनुदान देने का प्रावधान है। ड्रोन के माध्यम से खेतों में तरल उर्वरकों और कीटनाशकों का छिड़काव किया जाना था। एक ड्रोन आसानी से 20 एकड़ क्षेत्र में छिड़काव कर सकता है। इससे महिलाओं को स्थाई व्यवसाय और आजीविका मिलने के साथ अतिरिक्त आय का जरिया मिलने की उम्मीद थी।
कृषि में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देना था लक्ष्य
नमो ड्रोन दीदी योजना का उद्देश्य कृषि कार्यों में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देना और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था, लेकिन फिलहाल यह योजना हमीरपुर जिले में सिर्फ कागजों में ही सिमटकर रह गई है।
नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत ड्रोन वितरण के लिए दो स्वयं सहायता समूहों के नाम भेजे गए थे। अभी तक इस बारे में कोई अपडेट प्राप्त नहीं हुई है।
-राजेश राणा, जिला कृषि अधिकारी, हमीरपुर