रंगस (हमीरपुर)। विकास खंड नादौन के तहत आने वाली 59 ग्राम पंचायत में संशोधित बीपीएल सूची के अनुसार अब तक 5535 पात्र परिवारों का ही चयन हुआ है है। बीपीएल सूची की समीक्षा के दौरान 775 अयोग्य परिवारों के नाम सूची से काट दिए गए हैं।
वहीं, योग्यता के आधार पर 497 नए परिवारों को बीपीएल सूची में शामिल किया गया है। 59 पंचायत के अंतर्गत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व ओबीसी सहित सामान्य जाति वर्ग के लोगों के लिए बीपीएल में कुल 6161 परिवार आरक्षित हैं। बीडीओ नादौन ने बीपीएल सूची में पात्र लोगों के चयन को लेकर शिकायत में मिलने पर बीपीएल सूचियां की समीक्षा करने के सभी पंचायतों को जुलाई में आदेश जारी किए थे। आदेशों के तहत विकासखंड के अंतर्गत आने वाली सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा की विशेष बैठकें आयोजित करके बीपीएल सूचियां की समीक्षा सुनिश्चित की गई थी। उसी के तहत संशोधित सूची के अनुसार ग्राम पंचायत बड़ेहर में बीपीएल के लिए 30 नए पात्र परिवारों को सूचीबद्ध किया गया है।
ग्राम पंचायत रंगस में कुल बीपीएल के लिए आरक्षित वर्गों को मिलाकर 81 पात्र परिवारों का ही समीक्षा के दौरान चयन हो सका। ग्राम पंचायत जोलसप्पड़ में संशोधित सूची के अनुसार कल 119 परिवारों का ही चयन हो पाया है। ग्राम पंचायत मालग में कुल 83 परिवारों का ही पात्रता के आधार पर चयन हो सका है। विकास खंड नादौन की कुल 59 पंचायत में से 6161 परिवारों की बजाय 5535 पात्र परिवारों का ही बीपीएल सूची में चयन हो सका है और 775 अपात्र परिवारों को बाहर का रास्ता दिखाया है। इसके बारे मे बीडीओ नादौन निशांत शर्मा ने कहा कि आए दिन ऐसा देखने और सुनने में आ रहा था कि बीपीएल सूची में अधिकतर सरमाएदार परिवारों के नाम शामिल हैं, जबकि पात्र परिवारों को बीपीएल सूचियां में शामिल नहीं किया जाता। क्योंकि ग्राम सभा की बैठकों में प्रभावशाली लोगों के आगे पात्र परिवारों के पक्ष में कोई भी नहीं बोल पाता है।
सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए पूरी पारदर्शिता के साथ पात्र परिवारों या लोगों का ही चयन होना चाहिए, ताकि सही लोग ही सही समय पर सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ ले सकें। यदि वर्षों तक किसी भी तरह की योजनाओं का लाभ संपन्न परिवारों को ही मिलता रहेगा, तो गरीब परिवार तक सरकार की कोई भी योजना नहीं पहुंच पाएगी। इसी के चलते समय-समय पर समीक्षा के आधार पर सूचियों का संशोधन होना जरूरी होता है।