बड़ी क्रेन के जरिये मजदूरों को निकाला
घटना के बाद मौके पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। एनएचएआई और निर्माण कार्य से जुड़ी टीमों ने मौके पर स्थिति को संभाला। यहां पहले पोकलेन के जरिये फंसे मजदूरों को निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद बड़ी क्रेन के जरिये दमकल विभाग के कर्मियों ने रस्सियों के सहारे मजदूरों को कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू किया। दो घायल मजदूरों को शाम 6 बजे अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि तीन अन्य मजदूरों को चोटें नहीं लगी थीं। हालांकि, इनका भी अस्पताल में चेकअप किया गया है।
हादसे के बाद तुरंत शुरू किया राहत-बचाव कार्य
पिलर की ऊंचाई बेहद अधिक है, जिस वजह से पोकलेन से रेस्क्यू की योजना सिरे नहीं चढ़ी। पिलर पर फंसे मजदूरों को पांच बजे के करीब रेस्क्यू कर लिया गया है। घायलों को जरूरी उपचार के साथ उनकी हरसंभव मदद की जा रही है। -राकेश यादव, परियोजना निदेशक, एनएचएआई हमीरपुर
दोपहर बाद डीडीएमए के जिला एमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (डीईओसी) में इस दुर्घटना की सूचना मिलते पर रेस्क्यू टीमें घटनास्थल के लिए रवाना कर दीं। इस दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। जिला प्रशासन की ओर से राहत प्रदान की जा रही है। -गंधर्वा राठौड़, उपायुक्त एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), हमीरपुर