नादौन (हमीरपुर)। दसवीं गृह रक्षा वाहिनी प्रशिक्षण केंद्र नादौन के जवान कड़ाके की ठंड में भी जमीन पर सोने को मजबूर हैं। प्रशिक्षण केंद्र परिसर में समस्याओं की भरमार है। डाइनिंग हाल होने के बावजूद जवान खुले आसमान तले प्रतिकूल मौसम में नीचे बैठकर खाना खाने को मजबूर हैं। जो डाइनिंग हाॅल है, उसे एक कार्यालय में तब्दील कर दिया गया है। जहां आजकल प्रशिक्षण शिविर चल रहा है। इसमें 60 जवान भाग रहे ले रहे हैं। इनके लिए चारपाइयां उपलब्ध नहीं हैं।40 जवान एक ही कमरे में भूमि पर सोने को मजबूर हैं। यहां दो बिस्तरों के बीच चलने तक की जगह नहीं है। सारे बिस्तर एक दूसरे से सटे हुए हैं। सबसे अधिक परेशानी रात के समय होती है, क्योंकि परिसर में बिजली की व्यवस्था ही नहीं है। इससे जवानों को मोबाइल की टॉर्च जलाकर भोजन करना पड़ता है। जवानों को अंधेरे में रात को शौचालय जाने में भी दिक्कत होती है। यहां लगा पानी का फिल्टर कूलर खराब पड़ा है। मनोरंजन के लिए लगा टेलीविजन बंद पड़ा है। सबसे अधिक परेशानी तो बरसात के समय होती है। क्योंकि परिसर में कहीं भी पानी की निकासी की उचित व्यवस्था ही नहीं है। परिसर का मैदान बरसात होने पर तालाब बन जाता है। कुछ समय से यहां पेयजल आपूर्ति के पाइप में लीकेज होने के कारण भी परिसर के कई भागों में काफी मात्रा में पानी भरा हुआ है। परिसर के अंदर हथियार रखने के लिए शस्त्रागार नहीं है। प्रशिक्षण के समय करीब 70 बंदूकें यहां उपलब्ध होती हैं, जिन्हें जैसे तैसे रखा गया है। ड्यूटी पर तैनात संतरियों के लिए भी कोई उचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं है और बारिश में उन्हें परिसर के अंदर छत के नीचे खड़ा होना पड़ता है। इस बारे में प्लाटून कमांडर विक्रम सिंह ने बताया कि यहां जवानों को हर सुविधा उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाता है। यदि कोई समस्या है भी तो उस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है। समस्याओं के शीघ्र समाधान का प्रयास किया जा रहा है।