उपमंडल के वरिष्ठ नागरिकों ने नगर पंचायत पर ब्यास नदी में गंदगी फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद ब्यास नदी में गंदगी घोलने में नगर पंचायत ने कोई कसर नहीं छोड़ी है।
वरिष्ठ नागरिकों में विशेश्वर दत्त शर्मा, शिव कुमार डोगरा, डॉ. ब्रह्म दत्त शर्मा, योगेंद्र अवस्थी, रविंद्र पुरी, जेआर तक्खी का कहना है कि जहां उच्च न्यायालय ने ब्यास नदी को दूषित करने वालों के खिलाफ कड़ा संज्ञान लिया, दूसरी ओर स्थानीय नगर पंचायत इन आदेशों की जरा भी परवाह नहीं कर रही।
उन्होंने बताया कि शहर का कूड़ा-कचरा और सारा गंदा पानी नालियों और नालों से ब्यास नदी में ही जाकर मिल रहा है। इससे यहां रोजाना प्रदूषण फैल रहा है। शहर के दुकानदार भी दुकानों की सफाई करने के बाद खाली डिब्बे, प्लास्टिक और अन्य कचरा उठाने के बजाय नालियों में बहा देते हैं जो नदी में जाकर मिलता है।
वरिष्ठ नागरिकों ने सरकार से मांग की है कि समस्याओं के निदान के लिए नगर पंचायत प्रशासन को सख्त आदेश दे।
नगर पंचायत अध्यक्षा रीना देवी का कहना है कि आगामी बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा कर समस्या हल करने का प्रयास किया जाएगा।