जिला आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर की ओपीडी के भीतर मेडिकल रिप्रजेंटेटिव के बैठने का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। हिमाचल प्रदेश मेडिकल रिप्रजेंटेटिव एसोसिएशन ने अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से किनारा कर लिया है।
एसोसिएशन ने दावा किया है कि अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने ही उन्हें ओपीडी में शिविर लगाने की अनुमति दी है। एसोसिएशन ने कहा कि उन्होंने निशुल्क शिविर लगाकर 110 मरीजों के स्वास्थ्य की तकनीशियन से जांच करवाकर उन्हें दवाइयां भी उपलब्ध करवाईं। वहीं अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि उन्होंने अस्पताल में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर की अनुमति दी हुई है। लेकिन ओपीडी के भीतर शिविर की परमिशन नहीं दी। उन्होंने माना कि डॉक्टर का तबादला हो चुका है और ओपीडी खाली होने के कारण शिविर लगाया गया।
हालांकि मौके पर न तो कोई विशेषज्ञ मौजूद था और न ही अस्पताल के बाहर और ओपीडी के बाहर निशुल्क शिविर को कोई पोस्टर व बैनर लगा हुआ था। सवाल यह है कि यह कैसा शिविर जहां पर न तो मरीजों को जानकारी देने के लिए कोई पोस्टर व बैनर न हो। कुल मिलाकर ओपीडी में मेडिकल रिप्रजेंटेटिव का डॉक्टर की कुर्सी पर बैठकर मरीजों को डॉक्टरी सलाह देना और दवाइयां देना अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है। उधर, आयुर्वेदिक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीडी ठाकुर ने कहा कि उन्होंने अस्पताल में निशुल्क शिविर की अनुमति दी थी। उन्होंने यह भी माना कि ओपीडी में शिविर लगाया गया।