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न्यूनतम वेतन न देने पर मिड-डे मील वर्करों में आक्रोश

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भोरंज में मिड-डे मील वर्कर और सीटू पदाधिकारी सम्मेलन के दौरान एक साथ। - फोटो : Hamirpur-HP
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भोरंज (हमीरपुर)। विकास खंड भोरंज की मिड-डे मील वर्कर्स का सम्मेलन शनिवार को आयोजित किया गया। इसमें भोरंज ब्लॉक के तहत स्कूलों में कार्यरत मिड-डे मील वर्करों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में उनकी समस्याओं और मांगों को लेकर चर्चा की गई। सरकार की ओर से उन्हें न्यूनतम वेतन न दिए जाने और गंभीर बीमारी और जरूरत के काम होने पर कोई छुट्टी का प्रावधान न होने पर रोष प्रस्ताव पारित किया गया। सीटू जिला संयुक्त सचिव सुरेश कुमार राठौर ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश की सरकार मिड-डे मील कर्मचारियों का शोषण कर रही है और उन्हें सरकार न्यूनतम वेतन भी नहीं दे रही है।
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वहीं, केंद्र की मोदी सरकार मजदूरों के संघर्ष से बने 44 श्रम कानूनों को बदलने में लगी है ताकि, देश के पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाया जा सके। इन कानूनों के बदलने से मजदूरों का शोषण बदतर स्थिति तक बढ़ जाएगा। महंगाई और बेरोजगारी का आलम यह है कि अच्छे दिन दिखाने वाली सरकार इन मुद्दों से भटका कर देश के मजदूर, किसानों और आम जनता को एनआरसी और सीएए में उलझा रही है। इन्हीं मांगों और समस्याओं को लेकर 8 जनवरी 2020 को देशव्यापी हड़ताल में सारे मिड-डे मील वर्कर्स हिस्सा लेंगे। सम्मेलन के अंत में 17 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। जिसमें गीता देवी को प्रधान और नरेश कुमारी को सचिव व निशा कुमारी को कोषाध्यक्ष चुना गया।
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