हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में मेडिकल मेथड ऑफ एबॉर्शन (एमएमए) की 270 किट पहुंच गई हैं। कुछ समय से इस किट की कमी चल रही थी। इस कारण कुछ महिलाओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
अब यह किट उपलब्ध हो गई हैं। चिकित्सकों की सलाह के मुताबिक इस किट का प्रयोग किया जाता है। एमएमए किट चिकित्सीय गर्भपात या मेडिकल मेथड ऑफ एबॉर्शन है, जिसमें दो दवाएं शामिल होती हैं। यह किट गर्भावस्था को समाप्त करने के लिए उपयोग की जाती है।
इसका उपयोग गर्भावस्था के पहले दिन से 63 दिनों से अधिक न होने तक किया जाता है। यह दवा शरीर में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के प्रभाव को रोकती है, जो गर्भावस्था को बनाए रखने के लिए जरूरी होता है। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देसराज शर्मा ने पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि एमएमए की 270 किट उपलब्ध हो गई हैं। संवाद