मनरेगा कार्यों में 170 के बजाय 85 रुपये मजदूरी मिलने से मनरेगा मजदूर भड़क गए हैं। निर्माण कार्य में लगे मजदूरों ने काम का बहिष्कार भी कर दिया है। साथ ही पूरी मजदूरी न मिलने तक निर्माण कार्य बंद रखने की चेतावनी दी है। निर्माण कमेटी भी मजदूरों के पक्ष में खड़ी हो गई है।
निर्माण कमेटी ने विभागीय अधिकारियों के काम के असेसमेंट पर सवाल उठाए हैं। साथ ही असेसमेंट दोबारा करने की मांग भी उठाई है। मनरेगा मजदूरों में वार्ड सदस्य संतोष कुमारी, प्यार चंद, रोशन लाल, तमन्ना देवी, अनीता देवी, जसपाल, अजीत, जीतराम और लीला देवी आदि का कहना है कि वे ग्राम पंचायत लंबलू की गांव झटबाड़ में श्मशानघाट के पास क्रेटवाल के निर्माण कार्य में लगे हैं।
मजदूरों ने क्रेटवाल लगाने में सौ दिन से ज्यादा काम किया। वीरवार को भी वे रोजाना की तरह काम में लगे थे। इस दौरान वार्ड सदस्य को पंचायत सचिव का फोन आया। पंचायत सचिव ने बताया कि निर्माण कार्य की जेई की असेंसमेंट के अनुसार प्रत्येक मजदूर की मजदूरी 85 रुपये बनी है।
170 के बजाय 85 रुपये मजदूरी मिलने की बात सुनकर सभी मजदूर भड़क उठे। सभी मजदूरों ने काम बंद कर दिया और पूरी मजदूरी न मिलने तक काम बंद रखने की चेतावनी दी। मजदूरों की मांग के मद्देनजर विकास कार्य पर निगरानी कर रही निर्माण कमेटी भी मजदूरों के पक्ष में आ गई। निर्माण कमेटी ने प्रशासन और संबंधित विभाग से काम की दोबारा असेसमेंट करवाकर मजदूरों को पूरी मजदूरी देने की मांग की है।
पंचायत प्रधान ओम प्रकाश का कहना है कि असेसमेंट के आधार पर ही मजदूरों को पैसा दिया जाएगा। पंचायत सचिव पुरुषोत्तम चंद का कहना है कि जेई ने काम की असेसमेंट की है। असेसमेंट के आधार पर ही मजदूरों को मजदूरी दी जाएगी।
जेई संसार चंद का कहना है कि उन्होंने मौके पर पांच या छह मजदूरों को काम करते पाया। मजदूरों की संख्या मनमर्जी से किसने बढ़ाई, उन्हें जानकारी नहीं है। असेसमेंट के आधार पर 85 रुपये प्रति मजदूर की मजदूरी बनी है।