बिजली बोर्ड पेंशनर फोरम नादौन इकाई की बैठक में की चर्चा
कहा, शीघ्र आवश्यक कदम नहीं उठाया तो बोर्ड का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
नादौन (हमीरपुर)। बिजली बोर्ड पेंशनर फोरम नादौन इकाई की बैठक बुधवार को इकाई अध्यक्ष राजकुमार चौधरी की अध्यक्षता में हुई। इसमें फोरम के जिला अध्यक्ष और बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने लगातार बिजली बोर्ड की बिगड़ती वित्तीय स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इसके लिए सीधे बिजली बोर्ड में पिछले एक वर्ष से अस्थायी रूप से लगाए गए प्रबंध निदेशक को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि यदि सरकार की ओर से इस बारे में शीघ्र आवश्यक कदम नहीं उठाया तो बिजली बोर्ड का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। पिछले 54 वर्षों में बिजली बोर्ड की ऐसी बदतर स्थिति कभी नहीं हुई थी जो आज है। वर्तमान प्रबंध निदेशक हरिकेश मीणा के सरकार को सुझाव के चलते आज प्रदेश सरकार की ओर से विभिन्न बिजली परियोजनाओं से अपने हिस्से की निशुल्क मिलने वाली बिजली को बोर्ड से वापस ले लिया। इससे एक तरफ जहां बोर्ड की वित्तीय स्थिति पर असर पड़ेगा, वहीं उपभोक्ताओं की दरों में भी बढ़ोतरी होगी। बोर्ड प्रबंधन की गलत नीतियों के चलते आज बोर्ड में लगभग 1650 करोड़ रुपये की देनदारियां लंबित हैं और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के एक वर्ष से सेवानिवृत्ति लाभों की अदायगी भी नहीं हुई है। इस दौरान इकाई सचिव विधि चंद सनोरिया, कोषाध्यक्ष पृथ्वी चंद सहित बड़ी संख्या में पेंशनरों ने भाग लिया।