पांच सौ और हजार के पुराने नोट बंद होने के कारण जिला हमीरपुर के विभिन्न बाजारों और ग्रामीण क्षेत्रों में कारोबार पर 20 से 30 फीसदी असर पड़ा है। जिला मुख्यालय हमीरपुर के गांधी चौक बाजार, भोटा चौक बाजार, उपमंडल भोरंज, सुजानपुर, बड़सर और नादौन समेत मुख्य कस्बा सलौणी क्षेत्रों के कई व्यापारियों के कारोबार ठप देखने को मिल रहा है। नोटबंदी के कारण कारोबारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोग पुराने नोट बदलने और जमा करवाने के लिए बैंक में दिनभर लाइनों में खड़े रहे। इस कारण बाजार में गिने चुने ही ग्राहक समान खरीदने के लिए पहुंचे। दुकानदार पुराने नोट लेने से मना कर रहे हैं। नोट बंद होने के कारण ज्यादातर ग्राहक उधारी का सामान ले रहे हैं।
बाजार में केवल दो हजार का नोट आने से दुकानदारों को खुले पैसे वापस करने में परेशानी हो रही है। इस कारण दुकानदारों के कारोबार पर खासा असर पड़ रहा है। व्यापारियों में जीवन, राजेश, राकेश, विनोद, निजय और रमेल आदि का कहना है कि नोट बंद होने के कारण व्यापार में कमी आई है। दुकानदारों ने सरकार से पांच सौ के नए नोट जल्द बैंकों में पहुंचाने की मांग की है।
जिला हमीरपुर के सभी राष्ट्रीय बैंकों में नए करंसी नोट आ गए हैं। वहीं एटीएम मशीनों में भी 100-100 रुपये के नोट पर्याप्त मात्रा में हैं, लेकिन दो हजार रुपये निकालने के लिए लोगों को दिनभर लंबी-लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। दो हजार रुपये के करंसी नोट अभी तक सॉफ्टवेयर की दिक्कत के कारण एटीएम में नहीं डाले जा सके हैं।