सुजानपुर/हमीरपुर। जिलाभर में दो सप्ताह से पड़ रही भीषण गर्मी के कारण किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। बारिश न होने के कारण खेतों में उगी मक्की की फसल मुरझा गई है। देरी से बारिश होने के कारण इस बार पहले ही मक्की की बिजाई काफी लेट हुई है, वहीं अब बारिश न होने के कारण मक्की के पौधे मुरझा गए हैं। वहीं सब्जियों के पौधे भी मुरझाने लगे हैं। कड़कती धूप में दिन के समय बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है।
जिले के किसान बारिश न हाने के कारण मायूस हैं। वहीं, कुछ लोग सब्जियों की पैदावार कर अपनी आजीविका चलाते हैं। लोगों ने घरों में किचन गार्डनिंग की है और तरह-तरह की बेलें लगाई हैं लेकिन बारिश न होने कारण सभी बेलें मुरझा गई हैं। लोगों जगदीश, रमेश, मनोज, हिम्मत आदि ने कहा कि पौधे सूखने की कगार पर हैं। बारिश न होने के कारण फसल खराब होने की चिंता सता रही है।
किसानों ने महंगे दामों में मक्की के बीज खरीदकर बीजे हैं, लेकिन अब बारिश न होने के कारण जो पौधे निकले थे, वह पूरी तरह से मुरझा गए हैं। जिले में वर्तमान में 76 हजार से भी अधिक किसान हैं और 35 हजार हेक्टेयर भूमि पर खेती होती है। गेहूं की फसल भी बारिश न होने के कारण बर्बाद हो गई थी। अब मक्की की फसल भी बारिश न होने के कारण पूरी तरह से मुरझा गई है। वहीं कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. पीसी सैणी ने कहा कि बारिश होने पर मक्की की फसल ठीक हो जाती है और किसानों को फसल बीमा की सुविधा भी दी गई है। जिन किसानों की फसल बर्बाद हो रही है, वह 15 जुलाई से पहले फसल बीमा करवा लें।
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बच्चे मुंह पर कालिख पोत मांग रहे इंद्रदेव से बारिश
जिले में लोग बारिश के लिए पुराने टोटके आजमा रहे हैं। डिडवीं टिक्कर, बिझड़ी, कुठेड़ा समेत कई गांवों में बच्चे अपने मुंह पर कालिख पोत कर इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए टोटके आजमा रहे हैं। बताया जा रहा है कि प्राचीन समय में जब बारिश नहीं होती थी तो लोग मुंह पर कालिख पोत इसी तरह इंद्रदेव को प्रसन्न कर बारिश के लिए प्रार्थना करते थे।