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Hamirpur (Himachal) News: सवारियां न मिलने से बढ़ा घाटा, एचआरटीसी ने एक दर्जन लंबे बस रूट किए बंद

Thu, 21 Sep 2023 10:38 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
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हमीरपुर। हिमाचल पथ परिवहन निगम हमीरपुर डिपो की बाहरी राज्यों के लंबे रूटों पर चलने वाली बसों में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में एकाएक भारी कमी आई है। यात्रियों की संख्या घटने से डीजल का खर्च भी पूरा नहीं हो पा रहा। इससे निगम को भारी राजस्व घाटे से जूझना पड़ रहा है। कम सवारियां होने पर हमीरपुर से दिल्ली के रूटों पर ऊना बस स्टैंड से सवारियों को क्लब करके एक ही बस में भेजा जा रहा है, ताकि परिवहन निगम को राजस्व घाटे से बचाया जा सके। अब मजबूरन निगम को अपने रूटों को भी कम करना पड़ रहा है।
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एचआरटीसी हमीरपुर डिपो ने कम सवारियां मिलने के कारण 11 बसों को अपने पूरे रूटों पर भेजना बंद कर दिया है। निगम प्रबंधन का कहना है कि इससे जहां होने वाले घाटे को नियंत्रित किया जा सकेगा, वहीं सवारियों को भी अपने स्टेशनों तक पहुंचने में दिक्कत पेश नहीं आएगी। निगम ने हमीरपुर से दिल्ली रूट पर चलने वाली 5 बसों को ऊना तक ही चलाने का निर्णय लिया है। जबकि वर्तमान में दिल्ली के लिए 4 ही बस रूट चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा चंडीगढ़ के लिए सात बसें रोजाना भेजी जाती थीं, अब उन्हें भी कम करके पांच किया गया है। अमृतसर के लिए तीन के बजाय दो बसें, लुधियाना के लिए तीन की जगह दो, जालंधर के लिए तीन के स्थान दो, हरिद्वार के लिए तीन से कम करके दो, होशियारपुर के लिए एक, शिमला के लिए दो व मंडी के लिए भी कम करके दो ही बसें भेजी जा रही हैं। बद्दी के रूटों पर भी दो बसें भेजी जा रही हैं। प्रबंधन का कहना है कि जहां इससे मशीनरी सुरक्षित रहेगी, वहीं गाड़ियों में डलने वाले डीजल में भी कमी आएगी। त्योहारी सीजन में प्रबंधन को सवारियों की स्थिति बेहतर होने का अनुमान है। जैसे ही सवारियां बढ़ना शुरू होंगी, बसों के रूटों को भी बढ़ा दिया जाएगा। प्रबंधन तो सवारियां ज्यादा होने पर हमेशा से ही अतिरिक्त बसें भेजने के लिए भी तैयार रहता है।
एचआरटीसी हमीरपुर डिपो के उपमंडलीय प्रबंधक विवेक लखनपाल ने बताया कि हमीरपुर से 11 बसों को आधे रूटों तक ही चलाया जा रहा है। इन दिनों सवारियों की संख्या कम है। इससे बसों की संख्या कम की गई है। डिपो को लांग रूटों पर घाटा न हो इस स्थिति से उबरने के लिए यह तरीका निकाला गया है। दिल्ली तक अब पांच बसों को ही भेजा जा रहा है।
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