व्यय पर्यवेक्षक वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी डॉ. कुंदन यादव हमीर भवन में लोकसभा चुनाव के सभी प्रत्याशि
हमीरपुर। संसदीय क्षेत्र हमीरपुर के आम चुनाव के उम्मीदवारों के चुनावी खर्चे की गणना को अंतिम रूप देने के लिए सोमवार को भारत निर्वाचन आयोग के व्यय पर्यवेक्षक वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी डॉ. कुंदन यादव ने हमीर भवन में सभी प्रत्याशियों या उनके एजेंटों के साथ बैठक की।इस दौरान डॉ. कुंदन ने उम्मीदवारों के व्यय रजिस्टरों का निरीक्षण किया और इन रजिस्टरों का मिलान सहायक व्यय पर्यवेक्षकों एवं अकाउंटिंग टीमों के शैडो रजिस्टरों से किया।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के नियमानुसार चुनाव की समाप्ति के बाद एक महीने के भीतर प्रत्याशियों को अपने सभी खर्चों का अंतिम ब्योरा देना अनिवार्य है। लोकसभा चुनाव के लिए निर्धारित 30 दिन की यह अवधि चार जुलाई को समाप्त हो रही है। ऐसे में प्रत्याशी व्यय रजिस्टरों और शैडो रजिस्टरों में व्यय के अंतर को तीन दिन के भीतर दुरुस्त कर लें, ताकि उम्मीदवारों के खर्च के विवरण को चार जुलाई तक फाइनल किया जा सके।
उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों या उनके प्रतिनिधियों को खर्चे के आकलन में कोई शंका हो तो वे व्यय पर्यवेक्षक, सहायक व्यय पर्यवेक्षक या अकाउंटिंग टीम से संपर्क कर सकते हैं। व्यय पर्यवेक्षक ने बताया कि चुनाव परिणाम की घोषणा के 30 दिन के बाद भी अगर कोई प्रत्याशी जिला निर्वाचन अधिकारी के पास चुनाव खर्च का सही लेखा-जोखा दाखिल नहीं करवाता है तो आयोग उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर सकता है।
उस प्रत्याशी को भविष्य में चुनाव लड़ने के लिए तीन साल तक प्रतिबंधित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि संसदीय क्षेत्र के लिए चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा 95 लाख रुपये और विधानसभा के लिए अधिकतम 40 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इस निर्धारित सीमा से अधिक खर्च किए जाने पर प्रत्याशी के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है और उसका निर्वाचन भी रद्द किया जा सकता है।
बैठक में विधानसभा क्षेत्र बड़सर, कुटलैहड़ और गगरेट के उपचुनाव की व्यय पर्यवेक्षक मीनू सिंह बिष्ट ने भी उपचुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों से अपने खर्च का विवरण देने के लिए कहा है। बैठक में एडीएम राहुल चौहान, निर्वाचन विभाग के तहसीलदार उपेंद्रनाथ शुक्ला, सहायक व्यय पर्यवेक्षक और अकाउंटिंग टीमों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।