हमीरपुर। दि बल्यूट सहकारी सभा में हुए करीब तीन करोड़ से अधिक के ऋण फर्जीवाड़े की परतें अब राज्य फोरेंसिंक लैब में खुलेंगी। सहकारी सभा से कुछ लोगों के नाम पर फर्जी लोन लिए गए हैं, जबकि कुछ लोग सोसायटी से ऋण लेकर अब मुकर रहे हैैं। इस घोटाले में करीब 100 लोगों की जमापूंजी डूब चुकी है। कई खाता धारकों के 10 से 20 लाख रुपये डूब चुके हैं। इसकी अभी तक भरपाई का कोई तरीका नजर नहीं आ रहा है।
वर्ष 2017-18 में ऑडिट के दौरान यह लाखों का घोटाला सामने आया था। इसके बाद सोसायटी का सचिव अपने परिवार समेत गायब हो गया था। जिसे काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने बाहरी राज्य से दबोचा था और उसे हमीरपुर कोर्ट में पेश किया था। इसके साथ ही एक चंबा में एक सरकारी बैंक में कार्यरत क्लर्क को भी हिरासत में लिया गया था। यह क्लर्क पूर्व में इस सोसायटी में सेल्समैन के पद पर काम कर चुका था। इस मामले में खाता धारकों ने कई दिन तक उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री तक इस मामले की शिकायत पहुंची। इसके बाद सोसायटी के सचिव को बर्खास्त कर यहां पर प्रशासक की नियुक्ति कर दी गई। इसके साथ ही इस मामले को पुलिस के सुपुर्द किया गया। लंबी कार्यवाही के बाद अब पुलिस ने ऋण घोटाले से जुड़े अहम दस्तावेजों को जांच के लिए फोरेंसिंक लैब भेजा है। जहां पर लिखावट के नमूने समेत अन्य रिकॉर्ड की बारीकी से जांच होगी। सरकार के आदेशों के बाद प्रदेश सहकारी सभाएं विभाग भी इस मामले की जांच अपने ऑडिटरों से करवा रहा है, लेकिन कब इस मामले में कार्रवाई होगी, यह कहना मुश्किल है।
उधर, एसएचओ हमीरपुर संजीव गौतम ने कहा कि दि बल्यूट सोसायटी में वित्तीय गड़बड़ी मामले में कोर्ट में चालान पेश होंगे, लेकिन इससे पूर्व करीब 100 से 200 पन्नों का रिकॉर्ड एसएफएल में जांच के लिए भेजा गया है। इसकी रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।