बड़सर/मैहरे (हमीरपुर)। मिनी सचिवालय बड़सर में बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं एवं दिव्यांगों को सीढ़ियां न चढ़नी पड़ें, उसके लिए लिफ्ट लगाई गई है। मगर यह लिफ्ट बिजली गुल होते ही हांफ जाती है, जिससे जनता को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बिजली न होने की स्थिति में बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं व दिव्यांगों को किसी भी काम करवाने के लिए कार्यालय तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है। करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए बहुमंजिला मिनी सचिवालय के भवन में लोगों से जुड़े हुए कार्यालय पहली, दूसरी, तीसरी व चौथी मंजिल पर स्थित हैं। अगर किसी को काम करवाने के लिए इन कार्यालय तक पहुंचना हो तो सीढ़ियों और लिफ्ट के अलावा तीसरा कोई विकल्प नहीं है।
यदि बिजली चली जाती है तो जनरेटर की सुविधा न होने के कारण लोगों के पास केवल सीढि़यां चढ़ना ही विकल्प बचता है। इस दौरान बुजुर्गों के लिए सीढ़ियां चढ़ना किसी चुनाैती से कम नहीं होता है। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित भवन में जनरेटर या फिर सोलर पैनल की सुविधा न होना प्रशासन की नाकामी को भी दर्शा रहा है। लोगों का कहना है कि बुजुर्ग तो किसी न किसी प्रकार सीढ़ियां चढ़ भी लेते हैं, लेकिन दिव्यांगों के लिए कार्यालय तक पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है।
कोट :
सचिवालय भवन का निर्माण अभी हाल ही में हुआ है। प्रशासन का हमेशा प्रयास रहता है कि लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने आश्वासन दिया कि समस्या को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
-स्वाति डोगरा, एसडीएम, बड़सर
मिनी सचिवाालय बड़सर में लिफ्ट में बुजुर्गों, दिव्यांगों व गर्भवती महिलाओं के लिए लगाई गई सूचना।