भरेड़ी (हमीरपुर)। उपमंडल भोरंज के तहत हनोह, जड़ोह, पपलाह, डाडू और बड़ोह गांवों में तेंदुए की दहशत का माहौल बना हुआ है। पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में तेंदुआ दिखाई देने से ग्रामीणों में भय और असुरक्षा की भावना व्याप्त हो गई है।
सक्षम, संजय, सन्नी, सूर्य, सतीश, मोनिका, धर्म चंद, कमला, सूरज, बिमला, यशवंत, राजेश और कमलेश सहित अन्य लोगों ने बताया कि सुबह खेतों या सैर के लिए निकलना अब खतरे से खाली नहीं रहा है। कई बार ग्रामीणों ने अकेला तेंदुआ या मादा तेंदुए को अपने दो शावकों के साथ देखा है। यह तेंदुआ झाड़ियों और घासनियों में छिपा रहता है और लोगों के नजदीक आते ही झपटने का प्रयास करता है, जिससे लोग बाल-बाल बच रहे हैं।
लोगों का कहना है कि खेतों, बाग-बगीचों और जंगलों में जाना दुभर हो गया है। महिलाएं और बुजुर्ग तो घर से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक सबसे अधिक चिंतित हैं, क्योंकि बच्चों को पैदल स्कूल जाना पड़ता है और रास्ते में तेंदुए के दिखने की घटनाएं बढ़ रही हैं। पिछले कुछ दिनों से तेंदुआ लगातार क्षेत्र में घूम रहा है। उन्होंने वन विभाग से तुरंत पिंजरा लगाने और निगरानी बढ़ाने की मांग की है, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार तेंदुए के आने की सूचना देने के बावजूद वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों ने विभाग से आग्रह किया है कि जल्द से जल्द रेस्क्यू टीम भेजकर तेंदुए को पकड़ा जाए और क्षेत्र में रात के समय गश्त बढ़ाई जाए। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि वन विभाग ने जल्द कदम नहीं उठाया तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता है।